रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर बाराबंकी। थाना मसौली क्षेत्र के ग्राम आइमा वाजिदपुर मजरे मल्लपुर अरसंडा में मिट्टी खनन का खेल लगभग एक सप्ताह से बेखौफ जारी है। खननकर्ता किसानों की उपजाऊ जमीन पर जेसीबी चलवाकर मानकों को दरकिनार करते हुए बड़े पैमाने पर मिट्टी का कारोबार कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसर आंख मूंदे बैठे हैं।आरोप है कि ट्रैक्टर-ट्राली और ओवरलोडेड डंपरों में मिट्टी भरकर सहादतगंज, बिंदौरा, मलौली समेत आसपास के मार्गों पर दिन-रात तेज रफ्तार में फर्राटा भरा जा रहा है। संकरे रास्तों पर दौड़ रहे इन भारी वाहनों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। राहगीरों और स्कूली बच्चों की जान जोखिम में है, जबकि उड़ती धूल से लोगों का घर से निकलना तक दूभर हो गया है।ग्रामीणों का कहना है कि खनन स्थल तक जाने वाले रास्ते भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। किसानों की जमीन खोखली की जा रही है और विरोध के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। सूत्र बताते हैं कि निजी उपयोग के नाम पर लिया गया मिट्टी खनन पट्टा खुलेआम व्यावसायिक धंधे में बदल दिया गया है।सबसे हैरानी की बात यह है कि पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे हुए है। हालांकि, सिरौली गौसपुर तहसीलदार ने कहा कि जांच के लिए टीम भेज दी गई है और अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाएगी। अब देखना यह है कि कार्रवाई जमीन पर उतरती है या फिर यह मामला भी कागजों तक सीमित रह जाता है।































