नीट प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के खिलाफ किसानों का आक्रोश, मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग !
रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी
नवाबगंज (बाराबंकी) :- संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर मंगलवार, 21 जुलाई को विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता गन्ना कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। इसके बाद राज्यपाल के माध्यम से जिलाधिकारी बाराबंकी को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार नवाबगंज को सौंपा गया।
इस दौरान आजाद भारतीय किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट), भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी तथा भारतीय किसान यूनियन आजाद भगत सिंह के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस कार्रवाई में कई छात्रों के घायल होने और कुछ की गिरफ्तारी का भी दावा किया गया।
संयुक्त मोर्चे ने मांग की कि गिरफ्तार छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और दोषी पुलिस अधिकारियों पर जांच कर कार्रवाई की जाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
इसके अलावा ज्ञापन में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को किसान हितों के खिलाफ बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी समझौते से किसानों के हित प्रभावित नहीं होने चाहिए।
मोर्चे से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सरकार से छात्रों, किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की अपील की।