रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
हजारों लोगों ने उठाई आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग, राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा


रामनगर, बाराबंकी। आरक्षण व्यवस्था में बदलाव, एससी-एसटी एक्ट में संशोधन और यूजीसी से संबंधित नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को रामनगर में सवर्ण समाज की जनजागरण पदयात्रा निकाली गई। पूर्व ब्लाक प्रमुख ज्ञानू सिंह के संयोजन में अमित सिंह की अगुवाई में निकली पदयात्रा में बड़ी संख्या में युवा और सवर्ण समाज के लोग शामिल हुए। हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की।पदयात्रा बुढ़वल स्थित अतिथि गृह से शुरू होकर बुढ़वल चौराहा, बदोसराय मार्ग होते हुए तहसील परिसर पहुंची। कस्बे में सत्यम ओझा, हर्षित ओझा, स्वतंत्र तिवारी, वैभव तिवारी और हर्ष ओझा ने पुष्पवर्षा कर पदयात्रा का स्वागत किया। यात्रा के दौरान “तिलक, तराजू और तलवार, नहीं सहेगा अत्याचार” तथा “यूजीसी वापस लो” जैसे नारे गूंजते रहे। भीड़ के चलते मार्ग पर काफी देर तक चहल-पहल बनी रही।तहसील परिसर में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम आकांक्षा गुप्ता को सौंपा। ज्ञापन में आरक्षण का आधार आर्थिक करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को भी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए छात्रवृत्ति, परीक्षा शुल्क में छूट और आयु सीमा में राहत देने की मांग की गई।प्रदर्शनकारियों ने एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने तथा कानून के प्रावधानों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग भी की। साथ ही यूजीसी से संबंधित नियमों को वापस लेने की मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग के अधिकारों का विरोध करना नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर सभी वर्गों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को समान अवसर दिलाना है।पदयात्रा में प्रभात सिंह, ददन सिंह सत्येंद्र सिंह अर्जुन सिंह, विवेक सिंह प्रदीप कमलेश रावत आदित्य मिश्रा आशीष यादव श्रवण कुमार शुक्ला, रिंकू सिंह, रविकांत पांडेय पवन ओझा प्रभात शुक्ला समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात रहा। ज्ञापन सौंपने के बाद पदयात्रा का समापन हुआ।
























