रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर, बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार शाम पांच बजे 106.160 मीटर पर स्थिर रहा। यह खतरे के लाल निशान से करीब नौ सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में गिरावट के बावजूद तपेसिपाह के निकट संजय सेतु की बाराबंकी सीमा में तीसरी कोठी के पास हो रहा भीषण कटान ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है। नदी के मुहाने पर बसे परिवार कटान तेज होने से सहमे हुए हैं और गृहस्थी का सामान समेटने में जुट गए हैं।कटान की चपेट में आने से खेतों की फसल भी नदी में समाहित होने की कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ठोस बचाव कार्य नहीं कराया गया तो कटान घरों तक पहुंच सकता है। कोरिनपुरवा के पास कराए गए बाढ़ राहत कार्य से कटान पर काफी हद तक अंकुश लगा है, लेकिन तपेसिपाह के पास कराए गए कार्य प्रभावी साबित नहीं हो रहे हैं।उधर, सरयू नदी पर बने रेलवे पुल के अंतिम छोर की ओर भी कटान बढ़ रही है। रेलवे के तीनों पुलों की सभी कोठियों से पानी बह रहा है, जबकि संजय सेतु की दो कोठियां अभी नदी से बाहर हैं। तीसरी कोठी के पास लगातार कटान को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य कराने की मांग की है।सरयू नदी का जलस्तर इस वर्ष 18 अगस्त को सर्वाधिक 106.570 मीटर तक पहुंचा था। इसके बाद जलस्तर में गिरावट शुरू हुई, लेकिन नदी अभी भी लाल निशान से ऊपर बह रही है। इससे तटवर्ती गांवों में खतरा पूरी तरह टला नहीं है।





















