अंबेडकर प्रतिमा तक निकली छात्र रैली, छात्र नेताओं का सम्मान, राष्ट्रीय परिषद की बैठक और शिक्षा पर सेमिनार !
रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी
बाराबंकी, 13 अगस्त 2026:- देश के पहले राष्ट्रीय छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) का 90वाँ स्थापना दिवस 12 और 13 अगस्त को बाराबंकी में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। दो दिवसीय समारोह में छात्र रैली, अंबेडकर प्रतिमा पर श्रद्धांजलि, सम्मान समारोह, राष्ट्रीय परिषद की बैठक, कवि सम्मेलन और वैचारिक सेमिनार का आयोजन किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र प्रतिनिधियों, छात्र नेताओं, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
अंबेडकर प्रतिमा तक निकाली गई छात्र रैली
स्थापना दिवस समारोह के पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-युवा कार्यकर्ताओं की रैली से हुई। रैली में बड़ी संख्या में AISF के कार्यकर्ता और छात्र शामिल हुए। रैली डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंची, जहां बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर छात्र नेताओं ने शिक्षा, रोजगार, लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय के सवालों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। नेताओं ने कहा कि AISF की 90 वर्षों की यात्रा छात्र अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए चले संघर्ष की यात्रा रही है।
अमरजीत कौर ने कहा छात्र आंदोलन को और व्यापक बनाने की जरूरत
समारोह को संबोधित करते हुए AISF की राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरजीत कौर ने कहा कि AISF का 90 वर्षों का इतिहास छात्रों के अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का इतिहास है। आज शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों के बीच छात्र आंदोलन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि AISF आने वाले समय में देशभर के छात्रों को संगठित करते हुए शिक्षा, रोजगार, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के सवालों को मजबूती से उठाएगा। उन्होंने छात्र समुदाय से अपने अधिकारों और समाज के व्यापक सवालों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
छात्र आंदोलनों में सक्रिय नेताओं का हुआ सम्मान
स्थापना दिवस समारोह के दौरान छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छात्र आंदोलन के संघर्षशील इतिहास में योगदान देने वाले साथियों के कार्यों को याद किया गया।
AISF नेताओं ने कहा कि संगठन की 90 वर्षों की संघर्षशील विरासत अनेक पीढ़ियों के छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है। सम्मान समारोह के माध्यम से इस विरासत को आगे बढ़ाने वाले साथियों के योगदान को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में आगामी कार्ययोजना पर चर्चा समारोह के दौरान AISF की राष्ट्रीय परिषद की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजना, छात्र आंदोलन को मजबूत करने तथा संगठन के विस्तार से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में शिक्षा, रोजगार और छात्र अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर आगामी कार्यक्रमों और अभियानों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में अधिक से अधिक छात्रों को संगठन से जोड़ते हुए देशव्यापी छात्र आंदोलन को मजबूत किया जाएगा।
भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर हुई नाट्य प्रस्तुति
AISF के 90वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान छात्र कार्यकर्ताओं द्वारा भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के जीवन एवं क्रांतिकारी संघर्ष पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी की गई। प्रस्तुति के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों के योगदान, उनके साहस और देश के प्रति समर्पण को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा गया।
नाट्य प्रस्तुति में आर्यन गौतम ने भगत सिंह एवं चंद्रशेखर आजाद की भूमिका निभाई। अंश कुमार ने जेलर की भूमिका निभाई, जबकि अंकित ने राजगुरु और आर्यन यादव ने सुखदेव की भूमिका निभाई प्रतीक यादव, उत्कर्ष ओझा और अभि मौर्य ने विभिन्न मिश्रित भूमिकाओं में अभिनय किया।
नाटक का निर्देशन आशुतोष श्रीवास्तव, जिला सचिव, AISF जौनपुर ने किया। प्रस्तुति ने समारोह में मौजूद छात्र प्रतिनिधियों और दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्षों और क्रांतिकारी विरासत से जोड़ने का काम किया। प्रस्तुति के बाद छात्र कलाकारों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया।
गांधी भवन में हुआ कवि सम्मेलन स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर बाराबंकी के गांधी भवन में कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में डॉ. अम्बरीश अंबर, प्रदीप महाजन, अजय प्रधान, डॉ. आलोक शुक्ला, प्रदीप सारंग, उस्मान मीनाई, आदर्श गुलसिया और कवयित्री अंकिता शुक्ला ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी।
कवियों की रचनाओं में सामाजिक सरोकार, संघर्ष, लोकतंत्र और समकालीन परिस्थितियों की अभिव्यक्ति देखने को मिली। छात्र प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने कवि सम्मेलन का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
कवि सम्मेलन के आयोजन में रणधीर सिंह सुमन, प्रवीण वर्मा और बृजमोहन वर्मा प्रदेश अध्यक्ष मुजम्मिल जाहिद अली और प्रदेश सचिव सतीश कुमार सहित संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों की भूमिका रही।
दूसरे दिन हुआ महत्वपूर्ण सेमिनार स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन कानून, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 जैसे समकालीन विषयों पर महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने छात्रों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
Y.S. लोहित ने कानून के संशोधनों और AI पर रखे विचार
सेमिनार में वरिष्ठ अधिवक्ता Y.S. लोहित ने कानून में हो रहे संशोधनों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के पक्ष और विपक्ष पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने AI से पैदा हो रहे नए अवसरों के साथ उससे जुड़ी कानूनी, सामाजिक और नैतिक चुनौतियों पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से समाज और कार्यप्रणाली को बदल रही है। ऐसे में नई तकनीकों को समझने के साथ उनके प्रभावों और उनसे पैदा होने वाली चुनौतियों पर गंभीर विमर्श जरूरी है। उन्होंने छात्रों से तकनीकी विकास को आलोचनात्मक दृष्टि से समझने का आह्वान किया।
NEP 2020 पर पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा ने रखी बात
सेमिनार में पूर्व कुलपति प्रो. रूपरेखा वर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं, शिक्षा व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों तथा उच्च शिक्षा और विद्यार्थियों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की।
उन्होंने शिक्षा के व्यापक सामाजिक उद्देश्यों, विद्यार्थियों की भूमिका और उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों पर अपने विचार साझा किए। सेमिनार के दौरान छात्रों ने भी शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा से जुड़े सवाल रखे।
छात्रों से संवाद और वैचारिक चर्चा सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में छात्रों को केवल डिग्री और रोजगार तक सीमित न रहकर शिक्षा नीति, कानून, तकनीकी बदलाव, लोकतंत्र और सामाजिक परिवर्तन से जुड़े सवालों पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।
AISF नेताओं ने कहा कि संगठन छात्रों के बीच वैज्ञानिक चेतना, लोकतांत्रिक सोच और सवाल पूछने की संस्कृति को मजबूत करने के लिए वैचारिक कार्यक्रमों और आंदोलनों को आगे बढ़ाता रहेगा।
दो दिवसीय समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कविताओं और क्रांतिकारी गीतों ने भी कार्यक्रम को जीवंत बनाया। समारोह में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने AISF की 90 वर्षों की संघर्षशील विरासत को आगे बढ़ाने और छात्र आंदोलन को नई मजबूती देने का संकल्प लिया।
*उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार का संकल्प*
समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश में AISF के संगठनात्मक विस्तार पर भी जोर दिया गया। नेताओं ने कहा कि प्रदेश के अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थानों और छात्रों तक संगठन को पहुंचाया जाएगा तथा छात्रों की स्थानीय समस्याओं को व्यापक छात्र आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
AISF नेताओं ने कहा कि 90 वर्षों की संघर्षशील विरासत संगठन के लिए केवल गौरव का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की जिम्मेदारी भी है। शिक्षा, रोजगार, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के सवालों को लेकर संगठन आगे भी छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं दो दिवसीय कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष मुजम्मिल जाहिद अली, प्रदेश उपाध्यक्ष नोमान खान, प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण प्रकाश, प्रदेश सचिव सतीश कुमार, प्रदेश सह सचिव चंद्रभान, अभिषेक वर्मा, मनीष चौधरी, रीना मौर्य, आलोक कुमार, आदित्य वर्मा और महेंद्र यादव समेत कई छात्र नेता मौजूद रहे।
दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन छात्र अधिकारों, शिक्षा, रोजगार, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष को और व्यापक बनाने के संकल्प के साथ हुआ।