23 राज्यों से आए छात्रों ने निकाली रैली, अम्बेडकर प्रतिमा पर किया माल्यार्पण !
रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी
बाराबंकी:- ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के 90वें स्थापना दिवस का शुभारंभ गांधी भवन में झंडारोहण के साथ हुआ। दो दिवसीय स्थापना दिवस कार्यक्रम के तहत 23 राज्यों से आए छात्रों ने गांधी भवन से पैदल मार्च निकाला। मार्च पटेल तिराहा, लखपेड़ाबाग चौराहा होते हुए नाका सतरिख चौराहा स्थित डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा तक पहुंचा, जहां छात्रों ने माल्यार्पण किया। इसके बाद सभी छात्र पैदल मार्च करते हुए गांधी भवन लौटे।
कार्यक्रम में 23 राज्यों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया गया। एआईएसएफ गीत की प्रस्तुति के बाद राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अमरजीत कौर ने कहा कि भारत के पहले छात्र संगठन के रूप में एआईएसएफ का स्वतंत्रता आंदोलन में गौरवशाली इतिहास रहा है। हेमू कालानी, कनकलता बरुआ सहित एआईएसएफ के कई साथियों ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों का बलिदान दिया।
शिवा रेड्डी ने कहा कि एआईएसएफ की स्थापना 12 अगस्त 1936 को लखनऊ में हुई थी। संगठन आज भी उसी साहस, ऊर्जा और संघर्ष की भावना के साथ सार्वजनिक शिक्षा तथा छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। एआईएसएफ नेता रोशन कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। विश्वजीत कुमार ने कहा कि छात्रों की एकता और उनकी बुलंद आवाज को लेकर एआईएसएफ हमेशा संघर्ष करता रहा है।
इस दौरान सिक्ख काउंसिल ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने जनपद प्रधान जसबीर सिंह बग्गा के नेतृत्व में राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती अमरजीत कौर को तलवार और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उप प्रधान अमरजीत सिंह कालरा, मंदीप सिंह बग्गा, सरदार जितेन्द्र सिंह, सरदार गुरमीत सिंह, परमवीर सिंह राकी, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, आसिफ अहमद खान, शैलेन्द्र चोपड़ा, भूपिन्दर पाल सिंह शैन्की समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन, एआईएसएफ के राष्ट्रीय महासचिव दिनेश श्रीं रंगराजन, बृजमोहन वर्मा, विनय सिंह, प्रवीण वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मुजम्मिल जाहिद अली, उपाध्यक्ष नोमान खान, अरुण प्रकाश, प्रदेश सचिव सतीश कुमार, सह सचिव चन्द्रभान, अभिषेक वर्मा, मनीष चौधरी, रीना मौर्य, आलोक कुमार, आदित्य वर्मा और महेंद्र यादव सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।