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भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में किसानों का आंदोलन, डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को सौंपा मांग पत्र !

रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी 

बाराबंकी, 11 अगस्त 2026:-  संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर मंगलवार को संयुक्त किसान संगठनों ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में आंदोलन किया। विभिन्न किसान संगठन गन्ना संस्थान, बाराबंकी में एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए रेलवे स्टेशन की ओर कूच किया।

किसानों के रेलवे स्टेशन की ओर जाने की सूचना पर गन्ना संस्थान के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ सिटी संगम कुमार प्रजापति सहित कई थाना प्रभारी एवं पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं से वार्ता कर उन्हें शांत कराया और उनकी समस्याएं सुनीं।

इसके बाद किसान संगठनों की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी, बाराबंकी के माध्यम से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार सिंह को सौंपा गया।

किसान नेताओं ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को भारतीय कृषि, किसानों, पशुपालकों, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौती बताया। भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी के प्रदेश सचिव/जिलाध्यक्ष निहाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार अधिक खोलने से देश के करोड़ों किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि बाजार में विदेशी उत्पादों की बढ़ती पहुंच से किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

जिलाध्यक्ष विक्रांत सैनी ने कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पादों को मिलने वाली भारी सरकारी सब्सिडी के कारण भारतीय किसान उनसे बराबरी की प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। इससे फसल के दाम, कृषि लागत और किसानों की आय प्रभावित हो सकती है।

भारतीय किसान संगठन के जिलाध्यक्ष के.के. गुड्डू ने कहा कि कृषि क्षेत्र में बड़े कॉरपोरेट समूहों का अत्यधिक हस्तक्षेप बढ़ने से किसानों की भूमिका कमजोर हो सकती है और इसका असर खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण रोजगार पर पड़ सकता है।

भारतीय किसान यूनियन सरदार भगत सिंह के प्रदेश अध्यक्ष लालजी यादव ने कहा कि कपास, लाल ज्वार, सोयाबीन तेल, संतरे के रस सहित अन्य कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम या समाप्त किए जाने की स्थिति में भारतीय किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

आजाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में कृषि वस्तुओं से जुड़े प्रावधानों को लेकर किसानों में चिंता है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में आयातित कृषि उत्पादों की सूची और बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा।

किसान संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसानों के हित, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी, कृषि सुरक्षा, खाद्य संप्रभुता और ग्रामीण रोजगार को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पुनर्विचार किया जाए। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों को विश्वास में लिए बिना ऐसा कोई निर्णय न लिया जाए, जिससे भारतीय कृषि व्यवस्था और किसानों की आजीविका प्रभावित हो।

कार्यक्रम में रमेश चंद वर्मा एडवोकेट, सुशील कुमार यादव, दिलशाद हुसैन, माता प्रसाद, मोहम्मद नसीम, अजय वर्मा, सर्वेश कुमार, इरशाद, अखिलेश, वसीम, अभिषेक सोनी, वैस खान, आकाश रावत सहित तमाम किसान नेता, कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता मौजूद रहे।

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