रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
रामनगर बाराबंकी। नगर पंचायत रामनगर के मोहल्ला धमेड़ी-दो में सोमवार को एक सरकारी सहायक अध्यापक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से परिवार और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।मोहल्ला धमेड़ी-दो निवासी सेवानिवृत्त जिला सांख्यिकी अधिकारी घनश्याम तिवारी के 32 वर्षीय पुत्र सुभाष्कर तिवारी सोमवार को घर में अकेले थे। परिजनों के अनुसार उन्होंने घटना से पहले वीडियो कॉल पर परिवार से बातचीत की थी। कॉल समाप्त होने के बाद परिजनों को कुछ आशंका हुई तो उन्होंने लखनऊ से मोहल्ले के लोगों को सूचना दी।सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को बुलाया। मकान का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण छत के रास्ते घर में प्रवेश किया गया। अंदर सुभाष्कर फांसी के फंदे से लटके मिले। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।बताया जाता है कि सुभाष्कर तिवारी और उनकी पत्नी छाया, दोनों जरवल रोड स्थित एक सरकारी विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने हाल ही में रामनगर में नया मकान बनवाया था और एक-दो दिन में गृह प्रवेश की तैयारी चल रही थी। परिवार फिलहाल लखनऊ में रह रहा था।मृतक अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।कोतवाली प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।























