रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
रामनगर (बाराबंकी)। संभावित बाढ़ के मद्देनजर शुक्रवार को तहसील सभागार में उपजिलाधिकारी आनंद तिवारी ने तहसीलदार विपुल कुमार की मौजूदगी में बाढ़ राहत एवं बचाव तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सरयू नदी की तलहटी में बसे बाढ़ प्रभावित व संवेदनशील गांवों की तैयारियों का जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।एसडीएम ने राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों और पंचायत सचिवों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति पर नजर रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल तहसील कंट्रोल रूम को दें। उन्होंने संवेदनशील गांवों में नाव, राहत सामग्री, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और सुरक्षित आश्रय स्थलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में सीएचसी रामनगर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रणव कुमार श्रीवास्तव एवं सीएचसी सूरतगंज के अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी को आवश्यक दवाएं, चिकित्सकीय टीमों और एंबुलेंस की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया। वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरजीत सचान को पशुओं के लिए दवाएं, टीकाकरण और चारे की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।एडीओ पंचायत एवं पंचायत सचिवों को गांवों में साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, हैंडपंपों की स्वच्छता तथा राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।एसडीएम ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
























