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Naradsamvad

फाल्गुनी मेले में दुकान आवंटन को लेकर बढ़ी असमंजस की स्थिति, पुराने दुकानदारों में नाराज़गी

Vivek Shukla
3 Min Read

रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर, बाराबंकी।सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा में लगने वाले फाल्गुनी मेले को लेकर इस वर्ष दुकानदारों में असमंजस और नाराज़गी का माहौल बना हुआ है। वर्षों से निर्धारित स्थानों पर दुकान लगाने वाले कई दुकानदारों को इस बार पुराने स्थानों पर दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे बाहर से आए दुकानदारों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।गौरतलब है कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी फाल्गुनी मेले का आयोजन चंद दिनों में शुरू होने जा रहा है। मेले को लेकर प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। क्षेत्रीय समेत दूर-दराज से बड़ी संख्या में दुकानदार अपना सामान लेकर मेला क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। मेला मैदान और महादेवा मंदिर को जाने वाले मार्ग के किनारे राजस्व कर्मियों द्वारा दुकानों के लिए भूमि की माप कराई जा रही है। सड़क किनारे कई दुकानों की सजावट भी लगभग पूरी हो चुकी है।इसके बावजूद वर्षों से एक ही स्थान पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को इस बार पुराने स्थानों पर दुकान लगाने से रोका जा रहा है। गोबरहा निवासी मुन्ना ने बताया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से मुख्य मार्ग स्थित रानी हवेली के पास दुकान लगाते आ रहे हैं, लेकिन इस बार राजस्व कर्मियों ने उन्हें वहां दुकान लगाने से मना कर दिया। वहीं अयोध्या नगरी से आए श्यामजी जायसवाल ने बताया कि वह लगभग 40 वर्षों से लगातार मेले में दुकान लगाते आ रहे हैं, परंतु इस बार उन्हें पूर्व निर्धारित स्थान पर दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी गई।कस्बा रामनगर निवासी अभय चौरसिया ने भी बताया कि उनकी दुकान दो पीढ़ियों से उसी स्थान पर लगती आ रही है, लेकिन इस बार वहां भी दुकान लगाने से रोक दिया गया है।इस संबंध में हल्का लेखपाल संतोष कुमार का कहना है कि जिस भूमि पर दुकानदार दुकान लगाना चाहते हैं, वह विवादित है, इसलिए वहां दुकान लगाने से मना किया गया है। वहीं मठ रिसीवर ने बताया कि जिन स्थानों पर पूर्व में दुकानें लगती रही हैं, वह भूमि मठ की है और उस पर किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है।उधर, तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि विवादित भूमि को छोड़कर सभी दुकानदारों को नियमानुसार दुकान लगाने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। किसी भी दुकानदार को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। सभी दुकानदारों के साथ बैठक कर एक निर्धारित शुल्क लिया जाएगा, जिसकी विधिवत रसीद भी दी जाएगी।मेले से पूर्व समस्या का समाधान न होने की स्थिति में दुकानदारों में असंतोष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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