रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
रामनगर बाराबंकी। पूरा दिन खेतों में किसानों की फसल नष्ट करने वाले छुट्टा मवेशियों का जमावड़ा शाम होते ही केसरीपुर महादेवा मार्ग पर लगता है, जिससे यातायात बाधित होने के साथ साथ हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। क्षेत्र के केसरीपुर बम्भनी हार में छुट्टा मवेशियों का आतंक किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। करीब एक दर्जन से अधिक छुट्टा मवेशी प्रतिदिन धान के खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद कर रहे हैं। मेहनत समय और हजारों रुपये खर्च कर तैयार की गई धान की फसल अब किसानों की आंखों के सामने उजड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि किसान पूरी पूरी रात खेतों में जागकर फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं लेकिन जैसे ही किसान घर लौटते हैं छुट्टा मवेशी खेतों में घुसकर हरी भरी फसल को सफाचट कर देते हैं। किसानों का कहना है कि खेतो में रात दिन पहरा देना उनकी मजबूरी बन गयी है। कई किसानों ने खेतों में अस्थायी मचान बना रखे हैं, फिर भी छुट्टा पशुओं के झुंड सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए खेतों में घुस जाते हैं और कुछ ही देर में पूरी फसल रौंद डालते हैं। किसानो का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो इस बार धान की फसल से लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार गौवंश संरक्षण और गौशालाओं के संचालन पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन धरातल पर इसका असर कहीं दिखाई नहीं देता। छुट्टा मवेशी बेखौफ होकर खेतों और सड़कों पर घूम रहे हैं। दिन में किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं तो शाम ढलते ही केसरीपुर महादेवा मार्ग पर बैठकर राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बन जाते हैं। कई बार वाहन चालक अचानक सामने आए मवेशियों से बचने के प्रयास में दुर्घटना का शिकार होते होते बचे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो छुट्टा मवेशियों को गौशालाओं तक पहुंचाया गया और न ही किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की गई। इससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। अन्नदाताओ का कहना है यदि 24 घण्टे खेतो की रखवाली करनी पड़ेगी तो रोजमर्रा के कार्य कैसे होंगे।
























