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विकासखंड रामनगर में शनिवार को संयुक्त विकास आयुक्त मंडल अयोध्या राजेश कुमार झां का औचक निरीक्षण महज फाइलों और रजिस्टरों के अवलोकन तक सिमटकर रह गया।

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Naradsamvad - Narad news Agency
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रिपोर्ट:- विवेक शुक्ला

रामनगर बाराबंकी :- विकासखंड रामनगर में शनिवार को संयुक्त विकास आयुक्त मंडल अयोध्या राजेश कुमार झां का औचक निरीक्षण महज फाइलों और रजिस्टरों के अवलोकन तक सिमटकर रह गया। निरीक्षण के दौरान न तो ब्लॉक के विभिन्न पटलों की स्थिति परखी गई और न ही विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। ऐसे में जेडीसी के औचक निरीक्षण की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार जेडीसी आवश्यक निरीक्षण के लिए रामनगर ब्लॉक पहुंचे। इस दौरान बीडीओ का कार्यालय खाली पड़ा था। जेडीसी उसी कार्यालय में बैठ गए और फाइलों व रजिस्टरों को देखते रहे। मौके पर बीडीओ की मौजूदगी नहीं थी। बताया जाता है कि जेडीसी के ब्लॉक पहुंचने की सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद परियोजना निदेशक राकेश कुमार सिंह, बीडीओ देवेंद्र प्रताप सिंह के साथ कार्यालय पहुंचे। इसके बाद जेडीसी, पीडी और बीडीओ के बीच काफी देर तक कार्यालय में वार्ता होती रही। इस दौरान फाइलों और रजिस्टरों का अवलोकन किया गया। इसके बाद जेडीसी वापस चले गए। पूरे निरीक्षण के दौरान कार्रवाई कार्यालय में बैठकर अभिलेख देखने तक ही सीमित रही।

औचक निरीक्षण का उद्देश्य केवल फाइलों और रजिस्टरों को देखना ही नहीं, बल्कि मौके पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति परखना भी माना जाता है। ऐसे में ब्लॉक के विभिन्न पटलों, कर्मचारियों की उपस्थिति, साफ-सफाई, विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की मौके पर जांच किए बिना निरीक्षण पूरा हो जाने से सवाल उठना स्वाभाविक है।खास बात यह है कि रामनगर में पहले से ही स्थायी बीडीओ की तैनाती नहीं है। बीडीओ देवेंद्र प्रताप सिंह के पास रामनगर के साथ सूरतगंज ब्लॉक का भी अतिरिक्त प्रभार है। ऐसे में ब्लॉक की व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बीच उच्चाधिकारी के औचक निरीक्षण से व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद थी। लेकिन निरीक्षण फाइलों तक सीमित रहने से यह उम्मीद भी पूरी होती नजर नहीं आई। अब सवाल यह है कि जब औचक निरीक्षण में मौके की व्यवस्थाओं, कर्मचारियों और विकास कार्यों की स्थिति की पड़ताल ही नहीं हुई तो निरीक्षण से ब्लॉक की वास्तविक स्थिति का आकलन आखिर किस आधार पर हुआ। जेडीसी के इस निरीक्षण को लेकर तरह तरह की चर्चाएं होती रहीं।

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