रुद्रपुर में वरिष्ठ पत्रकार रूपेश कुमार पर हुए कथित हमले और उसके बाद उनकी गिरफ्तारी के विरोध में पत्रकार, वकील और सामाजिक संगठन एकजुट हो गए हैं। इस घटना ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। समर्थकों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय खुद पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना की रिपोर्टिंग कर रहे अनिल मिश्रा ने बताया कि इस स्थिति के कारण पत्रकार समुदाय में व्यापक आक्रोश है। इसके जवाब में समर्थक रुद्रपुर में इकट्ठा हुए और मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि हमले के जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
मीडिया कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी पत्रकार को यदि उत्पीड़न या शारीरिक हमले का सामना करना पड़ता है, तो कानून के तहत निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
समर्थकों ने दावा किया कि अभिव्यक्ति की आजादी और अधिकारियों से सवाल पूछने का अधिकार मौलिक है। इस मामले ने मीडिया कर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
समर्थकों ने प्रशासन से औपचारिक अनुरोध किया है कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जाए। उनका कहना है कि सच रिपोर्ट करने के पत्रकार के पेशेवर दायित्व को उनकी सुरक्षा या गरिमा से समझौता किए बिना संरक्षित किया जाना चाहिए।









