चित्रकूट साइबर सेल और रायपुरा पुलिस ने QR कोड स्कैम के जरिए पेट्रोल पंपों से ठगी करने वाले एक गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान प्रयागराज जिले के निवासी सिद्धार्थ आदिवासी, प्रियांशु और नितिन प्रताप सिंह के रूप में हुई है, जिन्हें 5 नवंबर, 2026 को हिरासत में लिया गया।
इस गैंग के दो अन्य संदिग्ध राज मिश्रा और आलोक शुक्ला अभी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
ठगी का तरीका और घटना
चित्रकूट पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के अनुसार, यह गैंग 650 रुपये जैसा कम मूल्य का ईंधन खरीदता था और फिर 65,000 रुपये जैसी बड़ी राशि का फर्जी डिजिटल ट्रांजैक्शन दिखाता था। इसके बाद आरोपी पंप कर्मचारियों को दबाव में डालकर या भ्रमित कर अंतर की राशि नकद ले लेते थे।
एक अन्य मामले में, गैंग ने 2,08,696 रुपये का फर्जी ट्रांजैक्शन दिखाकर 70,495 रुपये का डीजल लिया और 1,38,200 रुपये नकद निकाल लिए। इस खास ट्रांजैक्शन की वजह से पेट्रोल पंप का बैंक खाता होल्ड पर चला गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से अपराध में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में पता चला है कि गैंग ने इसी तरीके से कई जगहों को निशाना बनाया है। फरार दो संदिग्धों को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं।









