अयोध्या :- राम धन गबन मामले में एक बड़ा दावा सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ल ने कथित तौर पर बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि अनिल मिश्रा इस पूरे सिस्टम में शामिल थे और चढ़ावे की राशि पर उनका नियंत्रण था।
वहीं, मंदिर के पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अनिल मिश्रा 40% तक कमीशन लेते थे और पूरे सिंडिकेट को संचालित कर रहे थे। दीनानाथ वर्मा के अनुसार, इस नेटवर्क में 100 से ज्यादा करीबी लोग शामिल थे, जो इस पूरे गबन सिस्टम का हिस्सा थे।
इन आरोपों के सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को लेकर अब जांच एजेंसियों की भूमिका भी अहम हो गई है, और आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।