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Naradsamvad

छात्र की संदिग्ध मौत पर बवाल, हाईवे जाम के दौरान पथराव; इंस्पेक्टर समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल

Vivek Shukla
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रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

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रामनगर बाराबंकी। कटियारा गांव में पॉलिटेक्निक छात्र की संदिग्ध मौत के बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम से शव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने लखनऊ-बहरेाइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस के समझाने पर भीड़ उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। घटना में प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई सरकारी व निजी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद हालात पर काबू पाया गया। पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है।सोमवार को कटियारा गांव निवासी 21 वर्षीय जितेंद्र पुत्र कीढ़ीलाल का शव घर में फंदे से लटका मिला था। परिजनों ने युवक की प्रेमिका के परिजनों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया था। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने गांव के सामने लखनऊ-बहरेाइच हाईवे जाम कर दिया।सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान भीड़ भड़क गई और पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाने लगी। पथराव में प्रभारी निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार यादव, कांस्टेबल शिवमोहन, मानवेंद्र सिंह, महिला हेड कांस्टेबल संगीता तथा फायरकर्मी नीरज कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रभारी निरीक्षक के सिर में ईंट लगने से वह सड़क पर गिर पड़े, जिन्हें पुलिसकर्मी तत्काल सीएचसी रामनगर ले गए।उग्र भीड़ ने सरकारी वाहनों के अलावा जाम में फंसे कई निजी वाहनों पर भी पथराव किया। करीब 100 मीटर तक सड़क पर दौड़ाकर ईंट-पत्थर फेंके गए, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। यात्री बसों और अन्य वाहनों से उतरकर खेतों की ओर भागने को मजबूर हो गए।घटना की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम आनंद कुमार तिवारी, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत तथा कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया, शव का अंतिम संस्कार कराया और यातायात बहाल कराया। पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बाद में सीएचसी रामनगर पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। देर शाम तक गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए लगातार गश्त की जाती रही।

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