Skip to main content

Naradsamvad

बाराबंकी की बेटी सिम्पी मौर्या ने बढ़ाया प्रदेश का मान, गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को दिलाई डिजिटल पहचान

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
3 Min Read

रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी 

संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित विशेष कार्यक्रम में देशभर के 25 चयनित ‘डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी’ (DDR) योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व बाराबंकी की बेटी सिम्पी मौर्या ने किया। सिम्पी मौर्या को सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) के अध्यक्ष डॉ. विनोद नारायण इंदुलकर द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी उपस्थित रहे और उन्होंने सभी योगदानकर्ताओं को अपना आशीष प्रदान किया।

सिम्पी मौर्या ने 200 से अधिक गुमनाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन, संघर्ष और बलिदान की गाथाओं पर गहन शोध कर उन्हें अपने लेखन के माध्यम से दस्तावेज़ीकृत किया है। उनके इस शोध-कार्य को संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से डिजिटल रूप में संरक्षित कर ‘डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी’ परियोजना के तहत राष्ट्रीय पटल पर लाया गया है, ताकि देश के कोने-कोने में छिपे इन नायकों के योगदान को आने वाली पीढ़ियाँ जान सकें। यह कार्य ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में सिम्पी मौर्या ने कहा, “यह सम्मान मेरा नहीं, उन 200 से अधिक गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों का है जिनकी कहानियाँ इतिहास के पन्नों में कहीं खो गई थीं। मैं बाराबंकी की मिट्टी की बेटी हूँ, और मेरा संकल्प है कि एक भी सेनानी गुमनाम न रहे। संस्कृति मंत्रालय का आभार कि उन्होंने मेरी कलम को मंच दिया और इन नायकों को डिजिटल पहचान दी। यह पुरस्कार मुझे और जिम्मेदारी का एहसास कराता है।”

इस कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, CCRT के सदस्यगण तथा देशभर से आए अन्य DDR योगदानकर्ता भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना से जुड़े वरिष्ठ इतिहासकारों में राय बहादुर जैसे नाम भी शामिल हैं, जिनके मार्गदर्शन में गुमनाम नायकों के दस्तावेज़ीकरण का कार्य आगे बढ़ रहा है। देशभर से केवल 25 योगदानकर्ताओं का चयन किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश से सिम्पी मौर्या को यह गौरव प्राप्त हुआ।

ALSO READ  चंदौली में वकील की ईमानदारी: सड़क पर मिले 50 हजार रुपये पुलिस को सौंपे
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Search
अपना ज़िला चुनें
error: Content is protected !!