
तहसील और नगर पंचायत की गलत रिपोर्ट से रुका न्याय, पैमाइश न होने से बढ़ा विवाद
जनपद बाराबंकी की आदर्श नगर पंचायत रामनगर के मोहल्ला धमेड़ी-1 निवासी सुधाकर द्विवेदी अपने पुश्तैनी प्लाट पर अवैध कब्जे की समस्या से जूझ रहे हैं। नगर पंचायत अभिलेखों में दर्ज प्लाट संख्या 58ए, जो उनके घर के पीछे स्थित है, उनके बाबा लालबहादुर द्विवेदी के नाम पर दर्ज है। बाबा की मृत्यु के बाद यह जमीन परिवार के कब्जे में चली आ रही है और प्लाट पर पहले से उत्तर और पश्चिम दिशा में नींव भी पड़ी हुई है। इसके बावजूद कुछ स्थानीय लोगों द्वारा निर्माण कार्य में अवैध हस्तक्षेप कर कब्जा करने की नीयत से कार्य रोक दिया गया है।
पीड़ित सुधाकर द्विवेदी ने इस संबंध में मुख्यमंत्री आईजीआरएस पोर्टल, जनता दर्शन, जिलाधिकारी बाराबंकी, पुलिस अधीक्षक, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रामनगर तथा थाना प्रभारी रामनगर को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं। सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील रामनगर में भी 25 नवंबर 2025 को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि लेखपाल, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी तथा थाने पर तैनात महिला उप निरीक्षक द्वारा प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई, जिससे कब्जा हटाने की प्रक्रिया रुक गई है।
हाल ही में जब पीड़ित ने जिलाधिकारी से पुनः गुहार लगाई तो उनके निर्देश पर तहसीलदार रामनगर को फोन किया गया। जांच के लिए नायब तहसीलदार और लेखपाल मौके पर गए, परन्तु यह कहकर मामला टाल दिया गया कि आबादी की जमीन है, इसलिए पैमाइश संभव नहीं है। जबकि प्लाट संख्या स्पष्ट रूप से अभिलेखों में दर्ज है और जमीन की चौहद्दी भी निर्धारित है। इस लापरवाही से विवाद और गहरा गया है।
सुधाकर द्विवेदी का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में भी उन्हें रामनगर तहसील से न्याय नहीं मिल पा रहा है। वे लगातार कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर टालमटोल कर रहे हैं। पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से प्लाट की निष्पक्ष पैमाइश कराकर अवैध दखलंदाजी रोकने और कब्जा हटाने की मांग की है, ताकि वे अपनी जमीन पर निर्माण कार्य कर सकें। लगभग 300 शब्दों में यह मामला रामनगर तहसील में न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
बता दे इसी संयंत्र के सामने पीड़ित से मारपीट भी हुआ है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है उसके बावजूद भी ना तो पुलिस हरकत में आई है और ना ही तहसील प्रशासन।
सौरभ द्विवेदी ने अपना दर्द बयां करते हुए दैनिक भास्कर टीम से बताया मैंने मुख्यमंत्री जिला अधिकारी पुलिस अधीक्षक एसडीएम रामनगर थाना पर प्रार्थना पत्र दिया परंतु मेरे प्लांट से कब्जा नहीं जाता फर्जी रिपोर्ट अधिकारियों के द्वारा लगाई जा रही है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुजारिश करता हूं कि मुझे न्याय दिलाया जाए।






























