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मूलत: रायबरेली के नसीराबाद के रहने वाले डॉ. मोहम्मद कमर वर्ष 2006 में शाहजहांपुर में आए और यहीं बस गए। स्वामी धर्मानंद सरस्वती इंटर कॉलेज में कला प्रवक्ता पद पर कार्यरत डॉ. कमर की चित्रकला में मानवीय संवेदना और प्रकृति प्रेम नजर आता है।
वह पेटिंग में मानवीय संवेदना और प्रकृति की सुंदरता को चित्रित करते हैं। अब तक करीब पांच सौ पेटिंग बनाने वाले कमर की सबसे महंगी पेटिंग 80 हजार रुपये में बिकी है। इसे मुंबई में कला प्रदर्शनी के दौरान फ्रांस से आए नागरिक ने आर्ट गैलरी के लिए खरीदा था। यह पेटिंग महिला सशक्तीकरण पर आधारित थी।
कमर बताते हैं कि फ्रांस के अतिरिक्त बांग्लादेश, जर्मनी, इंग्लैंड, अमेरिका आदि में उनके बनाए चित्र आर्ट गैलरी की शोभा बढ़ा रहे हैं। मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, गोवा, लखनऊ, जयपुर में उनके बनाए चित्र पसंद किए गए।
कलाकार खरीदते चित्र, कला पर ही खर्च कर देते रुपये
जनपद रत्न से सम्मानित मोहम्मद कमर ने बताया कि कला प्रदर्शनी में पेटिंग को लेकर खुद जाते हैं। जहां नहीं पहुंच पाते। वहां कोरियर के जरिये भेजे जाते हैं। चित्रों को कलाकार और आमजन पसंद करते हैं। चित्रों से आने वाली आय को कला पर ही खर्च करते हैं। कमर के पिता मोहम्मद तौकीर भी बड़े चित्रकार थे।
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