Skip to main content

Naradsamvad

ब्रेकिंग न्यूज़

महादेवा महोत्सव के तृतीय दिवस पर विभिन्न कलाकारों ने सांस्कृतिक मंच से प्रस्तुत किया रंगारंग कार्यक्रम

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
12 Min Read

 

Ad image

महादेवा महोत्सव में विभिन्न कलाकारों ने दिखाया जलवा

सुप्रसिद्ध भजन गायक किशोर चतुर्वेदी एवम् स्वाति रिज़वी ने अपने रसमयी भजनों की प्रस्तुति देकर महादेवा महोत्सव मचाया धमाल 
कृष्ण कुमार शुक्ल, नारद संवाद न्यूज़
महादेवा बाराबंकी।महादेवा महोत्सव के तृतीय दिवस सुर श्रंगार ग्रुप द्वारा शिव कृष्ण श्री राम के सुन्दर भजन सुनाये गए। जिसमें शिवोहम मानस कार्यक्रम के सुप्रसिद्ध भजन गायक किशोर चतुर्वेदी एवम् स्वाति रिज़वी ने अपने रसमयी भजनों द्वारा पूरे मानस महोत्सव पंडाल को झूमने पर विवश कर दिया।किशोर चतुर्वेदी द्वारा गया गया राम भजन- गाइए श्री राम भजन गाइए एवम्
इस जीवन की उलझी गुत्थियां पल भर में जो खोले वो है महादेव बम भोले…भजन गा कर वातावरण में अध्यात्म घोल दिया। इनके भजनो नें दर्शकों को नृत्य करने पर विवश कर दिया।
किशोर चतुर्वेदी के गायन के उपरांत अपनी सधी हुई आवाज़ की धनी स्वाति रिज़वी ने भजनों की प्रस्तुति में ओम् नमः शिवाय, पयोजी मैंने राम रतन धन पायो एवम् सत्यं शिवम् सुंदरम गा कर अपनी ओज पूर्ण वाणी द्वारा प्रस्तुत भजनों ने जनमानस का मन मोह लिया।लोगों के आग्रह पर किशोर चतुर्वेदी द्वारा शिव बारात का गुणगान अत्यंत रोचक ढंग से किया।भजन संध्या के इस आयोजन में सुप्रसिद्ध भजन गायक किशोर चतुर्वेदी को सुनने के लिये सांध्य काल में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तों के मध्य देर रात तक चली भजन संध्या में संगत के माध्यम से तबले पर, ढोलक पर राजकुमार, ऑर्गन पर अरविन्द वर्मा पैड पर कृष्ण स्वरूप एवं सह वाद्य पर ज्योति प्रकाश शुक्ल ने संगत कर मानस कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। महादेवा महोत्सव में पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी, भाजपा नेता शेखर हरायण तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार आमीन प्रदीप कुमार सिंह अजय सिंह अमित अवस्थी मोनू भास्कर प्रधान अजय तिवारी सहित राजश्व कर्मी पुलिस कर्मी एवं तमाम श्रोतागण महादेवा महोत्सव के पंडाल में रात में मौजूद रहे।

लच्छू महाराज बैले फाउंडेशन के कलाकारों नें कथक नृत्य से शिव शक्ति के स्वरुपों के सौंदर्य की मनोहारी प्रस्तुति देकर श्रोताओं को किया खुश :

महादेवा महोत्सव के तीसरे दिन सांस्कृतिक मंच पर लच्छू महाराज बैले फाउंडेशन के कलाकारों ने कथक नृत्य के माध्यम से शिव शक्ति के स्वरुपों के सौंदर्य की मनोहारी प्रस्तुति देकर माहौल शिवमय कर दिया। नृत्यांगनाओ ने कथक नृत्य के माध्यम से भगवान भोलेनाथ के विभिन्न स्वरूपों के सौंदर्य को दिखाया। कार्यक्रम में डिमिक डिमिक डमरू बाजे, अंजुल बाजपेई ने भगवान शंकर के प्रचंड स्वरूप शिव तांडव की बेहतरीन प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जिसके बाद प्रेम मगन नाचे भोला आदि शानदार प्रस्तुतियां देकर पूरा माहौल भक्ति मयकर दिया। लच्छू महाराज बैले फाउंडेशन यूपी का एकमात्र बैले फाउंडेशन है। जिसे आईसीसीआर से मान्यता प्राप्त है। इसकी स्थापना 1982 में हुई थी। इस संगठन की संस्थापिका एवं निदेशिका श्रृंगारमणि कुमकुम आदर्श हैं जो कि विश्वविख्यात कथक आचार्य लच्छू महाराज की प्रमुख शिष्या रही हैं। शिव स्वरूप की मनमोहक प्रस्तुति देने वाले इस ग्रुप में कलाकार के तौर पर अंजुल बाजपाई, सीमा पाल, अंकिता सिंह, तृप्ति गुप्ता, अनामिका वत्स, पीयूष पाण्डेय, परिकल्पना व कोरियोग्राफी वरिष्ठ गुरु श्रृंगारमणि कुमकुम आदर्श शामिल रहे।

सरस्वती संगीत एकेडमी के अंकित, विभा व आमिर ने विखेरा आवाज का जादू :

महादेवा महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर सरस्वती संगीत एकेडमी बहराइच के गायकों ने अपनी सुरीली आवाज में एक से बढ़कर एक फिल्मी गीतों की प्रस्तुतियां देकर अपनी आवाज का जादू बिखेर दिया। गायक अंकित वाल्मीकि ने, सादगी तो हमारी जरा देखिए, गजल की शानदार प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। यारा तू माने या ना माने दिलदारा, नित खैर मंगा सोडिया मैं तेरी, बॉलीवुड गाने की बेहतरीन पेशकश पर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सिंगर विभा व आमिर खान ने चुरा लिया है तुमने जो दिल को युगल गाना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इसके बाद गायक विजय कुमार पांडेय देखते देखते क्या क्या हो गया, सांग की शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को खूब झुमाया।

बॉलीवुड नाइट में झूमते नजर आए श्रोता :

महादेवा महोत्सव के तीसरे दिन सांस्कृतिक मंच पर आयोजित बॉलीवुड नाइट में बड़ी संख्या में श्रोता झूमते नजर आए। सुर संगम ताल ग्रुप की मुख्य गायिका डा. जया श्रीवास्तव व उनके सहयोगियों ने महोत्सव की बॉलीवुड नाइट को यादगार बना दिया। सत्यम शिवम सुंदरम गीत गाकर उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत की। इस गीत पर उनके साथ शास्त्रीय नृत्यांगना इश्का त्रिपाठी ने नृत्य कर समा बांध दिया। इसके बाद गायिका अद्विका श्रीवास्तव व अभिजीत श्रीवास्तव ने मेरे ढोलना, सुन मेरे प्यार की धुन गाकर लोगों का दिल जीत लिया। इसीतरह, बने चाहे दुश्मन जमाना हमारा गाकर प्रकाश खन्ना और रमन श्रीवास्तव ने लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। अतुल और अद्विका के, आजा सनम मधुर चांदनी में हम, गीत सुनकर श्रोताओं ने जमकर सरहना की। बता दें कि लोकगायिका डॉ जया श्रीवास्तव महादेवा महोत्सव में तीसरी बार अपनी प्रस्तुति देने पहुंची। उन्होंने ने बताया कि इस बार उनके सहयोगियों में उनके पुत्र अभिजीत श्रीवास्तव समेत अनीता सिंह, प्रकाश खन्ना, अद्विका श्रीवास्तव, इशिका त्रिपाठी व रमन और अतुल शामिल रहे।

लोक गायिका मानसी के भजनों से मंत्रमुग्ध हुए श्रोता :

महादेवा महोत्सव के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की संध्या में लोक गायिका व दूरदर्शन कलाकार मानसी रघुवंशी के भजनों से श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। मानसी रघुवंशी ने अपने भजनों की प्रस्तुति, डम डम डमरू बजावेला हमार जोगिया, भोला घरे चोर घुसल, भजन की प्रस्तुति से की। इसके बाद, आज मिथिला नगरिया निहाल सखियां, हे पहुना यही मिथिला में रहु ना, देखो राजा बने महाराज, भोले तेरी जटा से बहती है गंगाधार, आदि मनमोहक भजनों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। कार्यक्रम में उपस्थित श्रोता मानसी की प्रस्तुतियां देख व सुनकर झूम उठे। मानसी के अतिरिक्त भजन संध्या में दूरदर्शन कलाकार नीतिश सूर्यवंशी ने एक के बाद एक जोरदार प्रस्तुति देकर समा बांध दिया।

लोक गायिका सरोज श्रीवास्तव ने लगाई सुरीले गीतों की झड़ी:

महादेवा महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर अवधी लोक गायिका सरोज श्रीवास्तव ने सुरीली आवाज में एक से बढ़कर एक शानदार गीतों की झड़ी लगा दी। गायिका सरोज श्रीवास्तव ने, गणपति को लागी नजरिया गौरा टीका लगा दो, गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। झुकि जाओ तनिक रघुवीर लली मेरी छोटी है, लोकगीत के माध्यम से सीता स्वयंवर का बखान कर खूब वाहवाही लूटी। सैय्यां मिले लरिकइयां मैं का करूं पर श्रोता झूम उठे। पन्द्रह बरस की मैं गउने में आई, दोनों में प्रेम इतना है जादा राधा मोहन है मोहन है राधा की, शानदार प्रस्तुति पर दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो गए, श्याम चूड़ी बेचने आया मनिहारी का भेष बनाया श्याम, भजन पर दर्शक मंत्र हो गए। श्याम चंदा है श्यामा चकोरी, श्याम रसिया है राधा रसीली आदि भजनों की जबरदस्त प्रस्तुतियों को लोगों ने खूब सराहा।

महादेवा महोत्सव में स्थानीय कवि सम्मेलन का क्षेत्र वासियों ने किया रसपान

कवि सम्मेलन में दर्जनों कवियों ने अपनी प्रस्तुति में संपूर्ण महादेवा महोत्सव का किया बखान :

महादेवा महोत्सव के तीसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में आयोजित स्थानीय कवि सम्मेलन में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी कविताओं का रसपान करते रहे। कवियों ने वीर व प्रेम सहित भाव रस में जमकर डुबकी लगाई। कवि सम्मेलन का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख संजय तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान दीप प्रज्वलित करने वालों में ब्लॉक प्रमुख के साथ खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार व नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार शामिल रहे। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख ने कार्यक्रम में आमंत्रित कवियों को माला पहनाकर अंग वस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। कवि सम्मेलन की शुरुआत कवयित्री अंकिता शुक्ला ने मां वीणा पाणि की वंदना, हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी करुणा माई माता प्रस्तुत करके किया। कवि सम्मेलन के संयोजक मनोज मिश्र शीत ने अपनी कविता के माध्यम से महादेव महोत्सव के सभी कार्यक्रमों का बखान कर खूब तालियां बटोरी। इसके अलावा उन्होंने अपनी रचना प्रस्तुत करते हुए कहा यदु कुल के कुल की खोल सारी गांठ रहे हैं, पुश्तैनी इनके ऐसे ठाट बांट रहे हैं हिंदू अगर मरे तो देंगे नहीं छदाम, संभल में पांच पांच लाख बांट रहे हैं। वरिष्ठ कवि डॉ अम्बरीष अंबर द्वारा, बहू में बेटी नजर आए ननद भाभी पर इतराये, प्रीत में जहां रवानी है स्वर्ग की यही निशानी है राम की भव्य कहानी है, सुनाया तो पूरा संस्कृत पंडाल तालियों के गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कवि डॉ सर्मेश शर्मा ने माता-पिता के आशीर्वाद का मर्म समझाते हुए कहा ,जमाना लाख दुश्मन हो हमारा कुछ न बिगड़ेगा हम अपने मां-बाप गुरु की दुआएं लेकर चलते हैं। इसके बाद मशहूर गीतकार प्रमोद पंकज ने गीत प्रस्तुत करते हुए कहा, अज की अयोध्या के आंगन के अवधी के सच्चे सपूत बुद्धिबल ज्यो गनेश के पंकज प्रसून पुंज प्रेम का समर्पित कर बंदन करत नित कविवर और मृगेश को। कवि अजय प्रधान ने माटी जो बनूं राम भक्तों की चरण रज उडता मै घूमू राम की राजधानी में अग्नि जो बनूं तो बसु आरती की बाती मध्य झूम झूम नाचू राम जी की अगवानी में सुन कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। इन कवियों के अलावा सुधा वर्मा, जगन्नाथ दीक्षित निर्दोष, रोहित सिरफिरा, शिवाजी, अंत प्रकाश बिंदु, विनीत शहर, सुधाकर दीक्षित, रणधीर सिंह, मुकेश मिश्र आदि ने भी काव्य पाठ कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।

ALSO READ  अखिलेश यादव का वादा: सत्ता में आने पर उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के लिए बनेगा म्यूजियम
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Search
अपना ज़िला चुनें
error: Content is protected !!