रिपोर्ट/रिशु गुप्ता
रामसनेहीघाट बाराबंकी : वन विभाग और नहर विभाग पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का धरना शुक्रवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नवाबगंज रजबहा की पटरी पर बिना गड्ढे खोदे और आवश्यक अनुमति के कथित रूप से वृक्षारोपण कराया जा रहा है। साथ ही किसानों की भूमि पर भी दबंगई के बल पर पौधे लगाए जाने की शिकायत की गई।धरना दे रहे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डीएनएस त्यागी ने बताया कि 15 जून को वृक्षारोपण कार्य में बाल मजदूरी कराए जाने की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि 3 अगस्त को भूख हड़ताल के दौरान मौके पर पहुंचे नहर विभाग के सहायक अभियंता (एई) ने बताया था कि विभाग की ओर से वन विभाग को वृक्षारोपण की अनुमति नहीं दी गई है तथा इस संबंध में कई बार आपत्ति दर्ज कराते हुए पत्र भी भेजे गए हैं।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 27 जुलाई 2026 को उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट को ज्ञापन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन समाधान न होने के कारण धरना शुरू करना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगों का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। यदि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और प्रशासन की होगी।धरना स्थल पर प्रदेश प्रभारी मायाराम यादव, मंडल अध्यक्ष उदय नारायण पाठक, दिनेश कुमार, रमेश कुमार, ज्ञानचंद, श्रीचंद, फूलचंद, रामशरण, सुकई, सुरेश बाबू, मंसाराम सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
























