रिपोर्ट/नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी।
सड़क निर्माण में ‘मिट्टी का खेल’, मानकों को ठेंगा दिखा रहा ठेकेदार

रामनगर बाराबंकी।एमएलसी की निधि से बनवाए जा रही आरसीसी रोड में ठेकेदार ने भ्रष्टाचार की सब सारी हदें पार कर दी नियम कानून को ताख पर रखकर कार्य स्वीकृत कराकर काम शुरू कर दिया गया हैरतअंगेज बतिया है कि पहले से उसे मार्ग पर आरसीसी रोड बनी थी दोबारा फिर उसी पर आरसीसी रोड बनवाई जा रही है। पुरानी आईसीसी के गढ़ों में गिट्टी की जगह मिट्टी डाली जा रही और सड़क का निर्माण कार्य शुरू होते ही ठेकेदार द्वारा लोकार्पण का बोर्ड लगा दिया गया मुख्यमंत्री के पारदर्शी प्रशासन का सच और अधिकारियों के जिम्मेदारी इससे जीता जागता उदाहरण और क्या हो सकता है। तहसील रामनगर के ग्राम पंचायत रमवापुर तेलवारी में मुख्य सड़क मार्ग से बाबा ज्ञान प्रकाश कुटी तक ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के द्वारा विधान परिषद सदस्य अंगद कुमार सिंह की निधि से आरसीसी रोड बनवाए जा रही है। जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि पहले से आरसीसी रोड बनी थी रोड क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उसी आरसीसी मार्ग पर दूसरी आरसीसी रोड बनवाई जा रही है। जिसमें ठेकेदार के द्वारा बॉक्सिंग बनाकर गड्ढों में गिट्टी डालने के बजाय मिटटी भर दी गई है। मानक के विपरीत बॉक्सिंग में लागई गयी ईंट व अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी धन का बंदरबाट किया जा रहा है।ठेकेदार द्वारा कराए जा रहे हैं। मानक के विपरीत कराएं जा रहे कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ गांव के विकास के परत पूरी तरह दृढ़संकल्पित हैं। लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारो द्वारा उनकी मंशा पर पानी फेरा जा रहा और सरकारी धन का बंदर बताकर जेब भरी जा रही हैं। जिन अधिकारियों पर बेहतर कार्य करने का जिम्मा है वह एसी में हवा खाते रहते हैं यही कारण की है कि भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रहा है।
एक ठेकेदार, दूसरा काम भी सवालों में
जिस ठेकेदार द्वारा ग्राम पंचायत रमवापुर तेलवारी में नियम कानून को ताख पर रखकर आरसीसी का निर्माण कार्य कराया जा रहा है उसी के द्वारा ग्राम पंचायत मड़ना में अन्नपूर्णा भवन का निर्माण कार्य कराया गया था। स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार ने जिम्मेदार अधिकारियों को जैसे तैसे पटाकर अपना भुगतान भी करा लिया था। कार्यदाई संस्था भी वहाँ पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ही था इससे स्पष्ट होता है कि ठेकेदार आरईएस विभाग के बीच आपसी तालमेल चल रहा है।
मानकविहीन कार्य होने पर होगी कठोर कार्रवाई: अंगद सिंह
इस संबंध में जब हमारे संवाददाता ने एमएलसी अंगद सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि हमे ऐसी जानकारी नही है, यदि ठेकेदार ने भ्रष्ट और मानक विहीन कार्य किया है तो उस पर कठोर कार्रवाई होगी और उसका ठेका निरस्त कर फर्म को ब्लैक लिस्ट में डलवाया जाएगा।
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