अभियोजन की कमजोरी के कारण कोई अपराधी दोषमुक्त न हो, प्रभावी एवं तथ्यपरक पैरवी सुनिश्चित करें : डीएम
रिपोर्ट:- के के शुक्ला
बाराबंकी, 29 अगस्त 2026:- कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की उपस्थिति में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने न्यायालयों में लंबित अभियोगों, दोषमुक्त प्रकरणों तथा पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर अपराधों से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं को प्रभावी एवं तथ्यपरक पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रकरण में अभियोजन की कमजोरी का लाभ अपराधियों को नहीं मिलना चाहिए। गंभीर अपराधों में विवेचना, साक्ष्य संकलन, गवाहों की पैरवी तथा न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण के प्रत्येक स्तर पर पूरी गंभीरता बरती जाए। उन्होंने अभियोजन अधिकारियों एवं शासकीय अधिवक्ताओं को प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करते हुए शासन का पक्ष मजबूती से रखने के निर्देश दिए।
*पॉक्सो एक्ट के 9 प्रकरणों में धारा 22 के तहत कार्रवाई*
समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत न्यायालय में अपने पूर्व बयानों से मुकरने के कारण 9 प्रकरणों में वादी के विरुद्ध धारा 22 के अंतर्गत प्रकीर्ण वाद दर्ज कराए गए हैं। इन प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा नियमानुसार जुर्माना वसूलने के आदेश भी दिए गए हैं। संबंधित प्रकरण राज्य बनाम दिवाकर कनौजिया (थाना जैदपुर), राज्य बनाम प्रदुम्न पाठक (थाना असन्द्रा), राज्य बनाम बदरुद्दीन (थाना टिकैतनगर), राज्य बनाम अर्सलान (थाना कोतवाली नगर), राज्य बनाम सुनील कुमार (थाना कोठी), राज्य बनाम अब्दुल हयात (थाना जहांगीराबाद), राज्य बनाम बुच्ची (थाना जैदपुर), राज्य बनाम मुफीद (थाना कुर्सी) एवं राज्य बनाम अमित गुप्ता (थाना असन्द्रा)।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार जुर्माना वसूली की कार्रवाई तत्काल पूर्ण कराई जाए। साथ ही, ऐसे मामलों में विधिक प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी की जाए।
जिलाधिकारी ने दोषमुक्त हुए प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अभियोजकों से दोषमुक्ति के कारणों की जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिए कि जिन कमियों के कारण किसी प्रकरण में दोषमुक्ति हुई है, उनका चिन्हांकन कर भविष्य के मामलों में ऐसी कमियों की पुनरावृत्ति न होने दी जाए।बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) निरंकार सिंह, अभियोजन अधिकारी, शासकीय अधिवक्ता एवं संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।























