एक ही खतौनी पर दो फसल! फर्रुखाबाद में उठे बड़े सवाल !
फर्रुखाबाद (ब्यूरो रिपोर्ट): उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में कृषि से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और सरकारी खरीद प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक ही खतौनी और एक ही रकबे से एक ही मौसम में गेहूं और मक्का दोनों फसलों की बिक्री सरकारी क्रय केंद्रों पर दर्ज की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद के एक ही भू-खाते से पहले जून 2026 में सैकड़ों कुंतल गेहूं की बिक्री की गई। इसके बाद जुलाई 2026 में उसी खतौनी और उसी भूमि से मक्का की फसल बेचने का रिकॉर्ड सामने आया है। इस पूरे प्रकरण में जनप्रतिनिधि से जुड़े परिवार के नाम सामने आने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं और मक्का की खेती एक ही समय और एक ही खेत में करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। दोनों फसलों की वृद्धि, पोषण आवश्यकताएं और मौसम अलग-अलग होते हैं, जिससे इस तरह की स्थिति पर संदेह स्वाभाविक है।
मामले में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि सरकारी क्रय केंद्रों पर इतनी बड़ी मात्रा में अनाज की खरीद के दौरान सत्यापन प्रक्रिया किस प्रकार की गई। संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच की मांग तेज हो गई है।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति या परिवार का मामला नहीं बल्कि पूरी खरीद प्रणाली में खामी का संकेत हो सकता है। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इस विषय में कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल यह मुद्दा जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उस पर कार्रवाई की जा सके।