रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
रामनगर बाराबंकी। नेपाल के गिरिजा व बनबसा बैराज से छोड़े गए पानी के बाद सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाने से नदी की तलहटी में बसे गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है और ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है।जल संसाधन विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह 10 बजे सरयू नदी का जलस्तर 106.130 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 106.070 मीटर है। इस प्रकार नदी खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। संवेदनशील गांवों पर विशेष नजर रखी जा रही है तथा अधिकारियों द्वारा लगातार जलस्तर की समीक्षा की जा रही है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की सलाह दी गई है।प्रशासन का कहना है कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नावों, राहत शिविरों और आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।उधर, सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने की सूचना मिलते ही तलहटी के गांवों में लोगों ने मवेशियों और घरेलू सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्रामीणों की निगाहें अब नदी के जलस्तर और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं























