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नेटवर्क ने रोकी खाद की रफ्तार, कालाबाजारी ने बढ़ाई किसानों की मुश्किल

रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

समितियों पर सर्वर ठप, निजी दुकानों पर मनमानी वसूली; दो दिन में समाधान न हुआ तो घेराव की चेतावनी।

रामनगर (बाराबंकी)। खरीफ सीजन के चरम दौर में खाद संकट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सहकारी समितियों पर सर्वर और नेटवर्क की समस्या के चलते यूरिया व डीएपी का वितरण प्रभावित हो गया है, जबकि दूसरी ओर निजी उर्वरक विक्रेता किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक कीमत वसूल रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि किसान कई-कई दिनों से समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार सर्वर न चलने का हवाला देकर लौटा दिया जा रहा है।धान, मक्का और गन्ने की फसल के लिए इस समय यूरिया और डीएपी की सबसे अधिक आवश्यकता है। किसानों का आरोप है कि सहकारी संघ लिमिटेड रामनगर, बुढ़वल, बिछलखा, तेलियानी समेत क्षेत्र की अधिकांश समितियों पर कई दिनों से नेटवर्क और सर्वर की समस्या बनी हुई है। इससे खाद वितरण व्यवस्था लगभग पटरी से उतर गई है।किसानों के मुताबिक सरकारी दर पर यूरिया की बोरी 266 रुपये और डीएपी 1350 रुपये निर्धारित है, लेकिन निजी दुकानों पर यूरिया 450 से 500 रुपये तथा डीएपी 1700 से 1800 रुपये प्रति बोरी तक बेची जा रही है। फसल बचाने की मजबूरी में किसान ऊंचे दामों पर खाद खरीदने को विवश हैं।क्षेत्रीय किसान रामकिशोर, महेंद्र, अजीज अहमद, दर्शन, नागेंद्र कुमार, राजेश, रामवचन और बरसाती समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि वे एक सप्ताह से अधिक समय से खाद के लिए समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन सर्वर न चलने के कारण खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसल की बढ़वार प्रभावित होगी और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।किसान यूनियन नेता रविंद्र कुमार सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिला कृषि अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा और विरोध स्वरूप श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी किसानों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और कई बार फोन तक नहीं उठाते।उधर जिला कृषि अधिकारी राजित राम वर्मा ने बताया कि सर्वर संबंधी तकनीकी समस्या के कारण कुछ स्थानों पर खाद वितरण प्रभावित हुआ है। जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी समितियां प्रतिदिन खुलेंगी और सुबह सात बजे से किसानों को खाद का वितरण किया जाएगा।

बॉक्स : कालाबाजारी पर प्रशासन का शिकंजा, एक लाइसेंस निरस्त

खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और कृषि विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. दलवीर सिंह ने क्षेत्र की समितियों और निजी उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बुढ़वल चौराहा स्थित दीक्षित खाद भंडार का बिक्री प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिया गया।वहीं रामनगर स्थित दुर्गा खाद भंडार पर डीएपी अधिक कीमत पर बेचे जाने की शिकायत सही पाए जाने पर किसान सत्यदेव शुक्ला को मौके पर बुलाकर अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस कराई गई। हालांकि शिकायत सही मिलने के बावजूद संबंधित दुकानदार के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न होने से किसानों में चर्चा का विषय बना हुआ है।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि टैगिंग, कालाबाजारी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बिक्री पाए जाने पर लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाएगा। कृषि खुशहाली केंद्रों को स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित करने और उर्वरक दरों की वाल पेंटिंग कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। डॉ. दलवीर सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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