Skip to main content

Naradsamvad

जलनिकासी की बदहाली ने कराया बवाल, गंदे पानी को लेकर सड़क पर भिड़े ग्रामीण और प्रधान पक्ष ! 

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
3 Min Read

रिपोर्ट:- विवेक शुक्ला

 बाराबंकी (रामनगर) :-  विकासखंड सूरतगंज की ग्राम पंचायत जुरौन्डा में वर्षों से चली आ रही जलनिकासी की समस्या शनिवार को सड़क पर विवाद का कारण बन गई। मुख्य मार्ग पर भरे गंदे पानी से गुजरते समय कपड़ों पर छींटे पड़ने से नाराज एक ग्रामीण की ग्राम प्रधान पक्ष के व्यक्ति से कहासुनी हो गई। आरोप है कि गुस्साए ग्रामीण ने विरोध जताते हुए वहीं भरा गंदा पानी उनके ऊपर डाल दिया। घटना के बाद गांव में काफी देर तक चर्चा का माहौल रहा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जुरौन्डा निवासी शिव प्रताप सिंह किसी कार्य से घर से निकले थे। सामुदायिक शौचालय के सामने मुख्य सीसी रोड पर लंबे समय से गंदा पानी जमा है। इसी पानी से गुजरते समय उनके कपड़ों पर छींटे पड़ गए। तभी वहां से गुजर रहे ग्राम प्रधान पक्ष के एक व्यक्ति से उन्होंने जलभराव और गंदगी को लेकर नाराजगी जताई। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि इसी दौरान ग्रामीण ने गंदा पानी उनके ऊपर डाल दिया।शिव प्रताप सिंह का कहना है कि गांव के मुख्य मार्ग सहित कई स्थानों पर वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। इससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और महिलाओं को रोजाना दिक्कत उठानी पड़ती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद जलनिकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई। उन्होंने मामले की शिकायत खंड विकास अधिकारी से करने की बात कही है।ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य मार्ग पर लंबे समय से गंदा पानी भरा रहने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत प्रशासन समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था कर दी जाती तो यह विवाद पैदा नहीं होता।गांव के निवासी एवं समाजसेवी अशोक कुमार सिंह ने भी पंचायत व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि गांव की समस्याओं की जानकारी होने के बावजूद खंड विकास अधिकारी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई शिकायतें लंबित हैं, सचिवालय नियमित नहीं खुलता, मुख्य मार्ग पर वर्षों से जलभराव बना हुआ है और गांव की अन्य विकास योजनाओं में भी अनियमितताओं की शिकायतें हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण ग्रामीणों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।हालांकि, इस मामले में ग्राम प्रधान पक्ष का बयान नहीं मिल सका है। वहीं प्रशासन की ओर से भी घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि विवाद के बाद जिम्मेदार अधिकारी जलनिकासी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

ALSO READ  भारत ने 12 साल में 49.6 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला, वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में खुलासा
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Search
अपना ज़िला चुनें
error: Content is protected !!