मोबाइल, सिम, स्कैनर मशीन और अर्टिगा कार बरामद, साइबर थाना पुलिस की बड़ी कार्यवाही !
राहुल त्रिपाठी :-नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी
बाराबंकी:- जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने नकली फिंगरप्रिंट और क्लोन बायोमेट्रिक के माध्यम से AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। #!पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, थंब स्कैनर मशीनें तथा एक अर्टिगा कार बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर की गई कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर रिटेलर आईडी बनवाते थे और बाद में उसी आईडी का दुरुपयोग कर बैंक खातों से अवैध निकासी करते थे।
मामले की शुरुआत तब हुई जब थाना बदोसराय क्षेत्र के ग्राम मरकामऊ निवासी मो. #आजम ने शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि संदीप कुमार ने उनके भाई मो. अंसार के नाम पर सहज मनी कंपनी की रिटेलर आईडी बनवाई और साथियों के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड एवं नकली बायोमेट्रिक का उपयोग कर करीब 1.29 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
जांच के दौरान पीड़ित को कंपनी की ओर से भेजे गए चार्जबैक नोटिस और बैंक स्टेटमेंट से ठगी का पता चला। इसके बाद सात नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं एवं आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
शुक्रवार को साइबर थाना पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए सोमैया तिराहे के पास एक फैक्ट्री के निकट से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे करते थे ठगी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से लोगों के आधार नंबर, बैंक खाते, मोबाइल नंबर और अन्य गोपनीय जानकारियां जुटाते थे। इसके बाद क्लोन बायोमेट्रिक (नकली फिंगरप्रिंट) तैयार कर AEPS के जरिए खातों से धनराशि निकाल लेते थे। ठगी से अर्जित रकम को अपने और साथियों के खातों में ट्रांसफर कर संपत्ति, वाहन और अन्य संसाधन खरीदने में इस्तेमाल किया जाता था।
बरामदगी
– 04 मोबाइल फोन
– 05 सिम कार्ड
– 02 थंब स्कैनर मशीन
– 01 अर्टिगा कार
पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है तथा गिरोह के नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच जारी है।