
महादेवा में पत्रकारों का सम्मान, पत्रकार संघ के पंजीकरण और कार्यालय निर्माण पर हुई चर्चा
रामनगर (बाराबंकी), शनिवार। तहसील रामनगर के महादेवा में पत्रकारिता दिवस के पावन अवसर पर प्रोफेसर एवं काउंसलर संजय कुमार तिवारी द्वारा पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रामनगर तहसील क्षेत्र के विभिन्न समाचार पत्रों एवं मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार अंजनी अवस्थी ने किया।
पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस समारोह में उपस्थित पत्रकारों ने पत्रकारिता के महत्व, वर्तमान चुनौतियों तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दैनिक भास्कर के पत्रकार कृष्ण कुमार शुक्ल (के.के. शुक्ल) ने कहा कि सभी पत्रकारों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पत्रकार छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि सभी का उद्देश्य समाज और जनता की आवाज को मजबूती से उठाना है। उन्होंने पत्रकारों के लिए एक स्थायी कार्यालय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नगर पंचायत रामनगर के चेयरमैन रामशरण पाठक ने पत्रकारों के लिए कार्यालय उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, जिस पर नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा भी सहमति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने पत्रकार संघ के पंजीकरण की भी आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के आयोजक प्रोफेसर एवं पत्रकार संजय कुमार तिवारी ने पत्रकार संघ के विधिवत पंजीकरण की आवश्यकता पर जोर देते हुए सभी पत्रकारों से संगठन को मजबूत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पत्रकार संघ का पंजीकरण अयोध्या (फैजाबाद) से कराया जाना चाहिए तथा सभी पत्रकारों को एकजुट होकर पत्रकार हितों की रक्षा के लिए कार्य करना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार चंद्र प्रकाश चौरसिया ने कहा कि पत्रकारिता कोई छोटी चीज नहीं है। पत्रकार की सोच और दृष्टिकोण गंभीर होना चाहिए तथा उसकी कलम में सच लिखने की ताकत होनी चाहिए। उन्होंने सभी पत्रकारों से एकता के सूत्र में बंधने का आह्वान किया। संत कुमार उपाध्याय ने कहा कि पत्रकारिता ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ की जानी चाहिए तथा पत्रकारों में आपसी एकता बनी रहनी चाहिए।
रामकुमार मौर्य ने जनहित के मुद्दों को प्रमुखता देने पर बल दिया, जबकि रामशंकर वर्मा ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए इसकी गरिमा बनाए रखने की बात कही। ललित पांडेय ने निष्पक्ष पत्रकारिता को समय की आवश्यकता बताया। निरंकार त्रिवेदी ने सत्य, साहस और नैतिक मूल्यों को पत्रकारिता की आत्मा बताया। अशोक सिंह ने कहा कि पत्रकारों को समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की आवाज बनना चाहिए।
अंजनी अवस्थी ने पत्रकारिता को जनसेवा का सशक्त माध्यम बताते हुए जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की बात कही। ज्ञानेंद्र वर्मा ने नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने पर जोर दिया। विवेक शुक्ल ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज को सही और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना है। विशाल अवस्थी ने पत्रकारिता में विश्वसनीयता और निष्पक्षता को सर्वोपरि बताया।
एस.पी. शुक्ल ने कहा कि पत्रकारों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। रवि चौहान ने सत्यनिष्ठा और जनहित को पत्रकारिता का मूल आधार बताया, जबकि वीरेंद्र तिवारी ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी पत्रकारों को प्रोफेसर संजय तिवारी ने माला पहनाकर डायरी पेन अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा सभी पत्रकारों ने एकजुट रहकर समाज, लोकतंत्र और पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प लिया।































