Naradsamvad

ब्रेकिंग न्यूज़
शून्य से शिखर तक: एक रंगकर्मी की अमर यात्रा  फ़र्ज़ी दस्ताबेज बनाकर कराया फ़र्ज़ी बैनामा-बिहारी पुत्र सर्वजीत के दास्ताबेज बनाने वालों पर भी नही हुई कोई कार्यवाही पहले फ्रॉड फिर समझौता का दबाव और उसके बाद बैनामा कैंसिलेशन की याचिका दायर LSG Owner Sanjiv Goenka Controversy; Rishabh Pant KL Rahul | MS Dhoni | स्पॉटलाइट- राहुल के बाद अब पंत को ‘फटकारते’ दिखे गोयनका: खराब प्रदर्शन पर भड़के, धोनी को भी कप्तानी से हटाया था; फैंस ने बताया सही Hearing in DM court on MP Burke’s house case | सांसद बर्क के मकान मामले में डीएम कोर्ट में सुनवाई: ममलुकुर्रहमान का दावा- निर्माण मेरा, बेटे को नोटिस क्यों, एक्सईन ने SDM को सौंपा रिपोर्ट – Sambhal News Waqf Bill Important Changes Explained; BJP TDP JDU | Muslim Property Law | आज का एक्सप्लेनर: वक्फ बिल पर नीतीश-नायडू ने अपनी बात मनवाई, क्या इससे मुसलमानों का फायदा; सरकार क्यों राजी हुई
[post-views]

फ़र्ज़ी दस्ताबेज बनाकर कराया फ़र्ज़ी बैनामा-बिहारी पुत्र सर्वजीत के दास्ताबेज बनाने वालों पर भी नही हुई कोई कार्यवाही

राघवेन्द्र मिश्रा(नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी)

Contents
रामनगर-कानूनी तौर पर फ़र्ज़ी दस्तावेज बनाने पर आईपीसी की धारा 464 के तहत, धोखाधड़ी के इरादे से झूठे दस्तावेज़ बनाने या रखने पर सात साल तक की जेल हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है.?यह एक गैर-ज़मानती अपराध है. इस धारा के तहत आरोपी होने की स्थिति में, इन बातों का ध्यान रखा जाता है: धोखा देने या जालसाज़ी करने के लिए दस्तावेज़ों या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना, बदलना या उनमें छेड़छाड़ करना किसी को धोखाधड़ी वाला दस्तावेज़ या गलत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना उचित प्राधिकरण के बिना किसी दस्तावेज़ को संशोधित करना बेईमानी से किसी व्यक्ति को किसी दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर, मुहर, निष्पादन या परिवर्तन करने के लिए मजबूर करना हालांकि, धारा 464 में स्वयं कोई दंड निर्धारित नहीं है. अक्सर, झूठे दस्तावेज़ बनाने के मामले में जालसाज़ी (आईपीसी धारा 465) या गंभीर जालसाज़ी (आईपीसी धारा 467 या 468) के तहत आरोप लगाया जाता है. लेकिन यहां विहारी पुत्र सर्वजीत की जमीन हड़पने बाले भू माफियाओं द्वारा फ़र्ज़ी दास्ताबेज बनाकर फ़र्ज़ी बैनामा करा लिया लेकिन कोई भी ठोस कार्यवाही नही हुई है। बल्कि मामले को गुमराह कर दबाने का काम किया जा रहा है।कार्यवाही छोड़कर बैनामा कैंसिल कराने में जुटे भू-माफिया-सिविल कोर्ट में बाद दायर

 

रामनगर-कानूनी तौर पर फ़र्ज़ी दस्तावेज बनाने पर आईपीसी की धारा 464 के तहत, धोखाधड़ी के इरादे से झूठे दस्तावेज़ बनाने या रखने पर सात साल तक की जेल हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है.?यह एक गैर-ज़मानती अपराध है.
इस धारा के तहत आरोपी होने की स्थिति में, इन बातों का ध्यान रखा जाता है:
धोखा देने या जालसाज़ी करने के लिए दस्तावेज़ों या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना, बदलना या उनमें छेड़छाड़ करना
किसी को धोखाधड़ी वाला दस्तावेज़ या गलत इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बनाना
उचित प्राधिकरण के बिना किसी दस्तावेज़ को संशोधित करना
बेईमानी से किसी व्यक्ति को किसी दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर, मुहर, निष्पादन या परिवर्तन करने के लिए मजबूर करना
हालांकि, धारा 464 में स्वयं कोई दंड निर्धारित नहीं है. अक्सर, झूठे दस्तावेज़ बनाने के मामले में जालसाज़ी (आईपीसी धारा 465) या गंभीर जालसाज़ी (आईपीसी धारा 467 या 468) के तहत आरोप लगाया जाता है. लेकिन यहां विहारी पुत्र सर्वजीत की जमीन हड़पने बाले भू माफियाओं द्वारा फ़र्ज़ी दास्ताबेज बनाकर फ़र्ज़ी बैनामा करा लिया लेकिन कोई भी ठोस कार्यवाही नही हुई है। बल्कि मामले को गुमराह कर दबाने का काम किया जा रहा है।

कार्यवाही छोड़कर बैनामा कैंसिल कराने में जुटे भू-माफिया-सिविल कोर्ट में बाद दायर

 

किन्ही कारणों से ज़मीन की रजिस्ट्री को कैंसिल कराने के लिए 90 दिनों का समय होता है. अगर रजिस्ट्री में कोई आपत्ति आती है, तो उसे इसी समय सीमा में रद्द कराया जा सकता है. कई मामलों और जहगों पर ऑनलाइन तरीके से रजिस्ट्री कैंसिल करने की सुविधा होती है

Loading

अन्य खबरे

Two people died in road accidents in Maharajpur and Sachendi of Kanpur, a young man died after a pickup overturned in Maharajpur, Kanpur, a bike rider died after being hit by a truck in Sachendi | कानपुर के सड़क हादसों में दो की मौत: महाराजपुर में पिकअप पलटने से युवक की मौत, सचेंडी में बाइक सवार को ट्रक ने कुचला – Kanpur News

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

1524708
Total Visitors
error: Content is protected !!