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Hearing on Zafar Ali’s bail plea today | जफर अली की जमानत याचिका पर आज सुनवाई: संभल में 23 मार्च को हुई थी गिरफ्तारी, कोर्ट ने केस डायरी दाखिल करने का दिया था आदेश – Sambhal News

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सनी गुप्ता, संभल8 मिनट पहले

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संभल हिंसा के मामले में जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली को पुलिस ने 23 मार्च को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 24 मार्च को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।

अब गुरुवार को चंदौसी कोतवाली क्षेत्र स्थित जिला न्यायालय परिसर में ADJ द्वितीय कोर्ट में जफर अली की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में न्यायाधीश राय नारायण राय ने जिला शासकीय अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद 27 मार्च तक केस डायरी दाखिल करने का आदेश दिया था।

गिरफ्तारी के बाद मुरादाबाद जेल में बंद गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जफर अली को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें मुरादाबाद जेल भेज दिया गया। वह 23 मार्च से जेल में बंद हैं। दूसरी ओर, अधिवक्ताओं ने उनकी गिरफ्तारी के विरोध में कलमबंद हड़ताल शुरू की, जो अब चौथे दिन में पहुंच चुकी है। आज होने वाली ADJ द्वितीय कोर्ट की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। पुलिस ने कोर्ट के आदेश के तहत 27 मार्च तक केस डायरी पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, अधिवक्ताओं का विरोध भी जारी है।

मुरादाबाद जेल जाते हुए जफर अली।

मुरादाबाद जेल जाते हुए जफर अली।

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हिंसा के 4 महीने के बाद जफर गिरफ्तार संभल हिंसा के 4 महीने बाद जामा मस्जिद के सदर जफर अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रविवार रात साढ़े 9 बजे मुरादाबाद जेल भेज दिया गया। जीप से उतरते ही जफर ने कहा- हिंसा के बाद मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसलिए मुझे जेल भेजा गया। जफर अली ने चिल्लाकर कहा- मुझे फंसाया गया, क्योंकि मैंने पुलिस वालों की पोल खोल दी थी। मैंने बता दिया था कि बच्चों को इन्होंने मारा है। हिंसा में जितने भी लोग मारे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन ने मारा है।

जफर अली ने कहा था- हिंसा में जितने भी लोग मारे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन ने मारा है।

जफर अली ने कहा था- हिंसा में जितने भी लोग मारे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन ने मारा है।

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बड़े भाई ने कहा था- जफर को जेल में जान का खतरा जफर के बड़े भाई ताहिर अली ने मंगलवार को कहा था कि जेल में उनकी जान को खतरा है। उन्होंने कहा- प्रशासन का सहयोग करने का जफर अली को इनाम मिला है। मंगलवार को सिविल कोर्ट में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। जफर अली के बड़े भाई ताहिर अली ने बताया- जफर अली मेरे छोटे भाई हैं। उनसे जेल में मुलाकात भी नहीं करने दी जा रही है।

जफर के बड़े भाई ताहिर अली ने मंगलवार को कहा था कि जेल में उनकी जान को खतरा है।

जफर के बड़े भाई ताहिर अली ने मंगलवार को कहा था कि जेल में उनकी जान को खतरा है।

24 नवंबर को सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा संभल की शाही जामा मस्जिद के दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर को भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग कर दी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई। अब तक तीन महिलाओं सहित कुल 79 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सदर जफर अली को भी पुलिस ने 23 मार्च को हिरासत में लिया था, जिनकी जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है।

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