रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर बाराबंकी। जिले में कार्यभार संभालने के बाद नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी रंजन गौतम ने अवैध एवं मानकविहीन स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। उनके निर्देशन में मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर की टीम ने झोलाछाप चिकित्सकों, अपंजीकृत क्लीनिकों और निजी अस्पतालों के खिलाफ सघन अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान चार क्लीनिकों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि तीन निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रणव कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुई जांच में रामचंद्र, अवधराम और योगेंद्र सुमन, क्लीनिक निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरने के कारण सील कर दिए गए। वहीं, लाइफ केयर हॉस्पिटल, पारिजात क्लीनिक और ग्रीन हॉस्पिटल भी निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित नहीं पाए गए। इन संस्थानों को नोटिस जारी कर आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का पालन न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपंजीकृत क्लीनिक संचालकों और झोलाछाप चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। कई संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।सीएचसी अधीक्षक डॉ. प्रणव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर जिले में अवैध और मानकविहीन स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
























