रिपोर्ट :- राहुल त्रिपाठी
बाराबंकी(6 जुलाई):- श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू), बाराबंकी के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स (आईएमसीई) के वाणिज्य एवं अर्थशास्त्र संकाय द्वारा “आधुनिक वित्तीय परिदृश्य में वित्तीय साक्षरता, कराधान, जीएसटी, निवेश नियोजन एवं शेयर बाजार” विषय पर आयोजित एक सप्ताहीय राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का सोमवार को ऑनलाइन माध्यम से शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम 6 से 11 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं उद्योग जगत के विशेषज्ञ सहभागिता कर रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. गायत्री नेगी द्वारा किया गया। इसके उपरांत प्रो. (डॉ.) वीणा सिंह, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य एवं अर्थशास्त्र संकाय ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रो. (डॉ.) मधु दीक्षित, विभागाध्यक्ष, प्रबंधन संकाय ने अपने संबोधन में वर्तमान समय में वित्तीय साक्षरता एवं निवेश संबंधी ज्ञान की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) विजय तिवारी, प्रो-चांसलर इंजी. पूजा अग्रवाल तथा चांसलर इंजी. पंकज अग्रवाल ने अपने प्रेरणादायी संदेश में प्रतिभागियों को कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात डॉ. वैभव शर्मा ने एफडीपी की प्रमुख विशेषताओं एवं आगामी छह दिनों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता श्री नीरज सिंह, संयुक्त आयुक्त (जीएसटी) ने वित्तीय साक्षरता, कर अनुपालन, जीएसटी, निवेश नियोजन तथा बदलते वित्तीय परिदृश्य में अद्यतन ज्ञान के महत्व पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों एवं शोधार्थियों की व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उद्घाटन सत्र का समापन प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
उद्घाटन सत्र के उपरांत प्रथम तकनीकी सत्र में सीएमए शाकंबरी तिवारी ने वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर-1) दाखिल करने की प्रक्रिया पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता तथा सामान्य त्रुटियों से बचने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी।
यह कार्यक्रम प्रो. (डॉ.) वीणा सिंह के संयोजन तथा आयोजन समिति के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आगामी दिनों में जीएसटी, बैंक रिकंसिलिएशन, वित्तीय नियोजन, पोर्टफोलियो प्रबंधन, म्यूचुअल फंड, बीमा एवं शेयर बाजार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।