कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले ही रोके गए किसान नेता, प्रशासनिक रवैये पर भड़का भाकिमयू दशहरी संगठन!
राहुल त्रिपाठी :- नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी
बाराबंकी:- बिजली बिलों पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत अतिरिक्त आर्थिक भार के विरोध में राज्यपाल के नाम ज्ञापन देने जा रहे भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा बीच रास्ते में रोक दिए जाने का #मामला चर्चा का विषय बन गया है। संगठन ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताते हुए प्रशासनिक रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
संगठन के #प्रदेश सचिव एवं #जिलाध्यक्ष #निहाल अहमद सिद्दीकी ने बताया कि ज्ञापन कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था और इसकी सूचना पहले से ही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों एवं #एलआईयू को दी जा चुकी थी। इसके बावजूद शांतिपूर्ण ढंग से कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने जा रहे कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया। बाद में मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने ज्ञापन तो प्राप्त कर लिया, लेकिन संगठन का सवाल है कि जब पूर्व में कई बार कलेक्ट्रेट #पहुंचकर ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, तो इस बार ऐसी क्या परिस्थितियां थीं कि रास्ते में ही रोकने की कार्रवाई की गई।
सत्ता समर्थक संगठनों को खुली छूट, जनहित की आवाज़ पर पहरा?
निहाल अहमद सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि किसानों और मजदूरों के वास्तविक मुद्दों को उठाने वाले संगठनों के साथ प्रशासन का रवैया अलग है, जबकि सत्ता समर्थक संगठनों को खुली छूट मिलती दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों और आम जनता की समस्याओं को लेकर संघर्ष करने वाले संगठनों को रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
संगठन के अयोध्या मंडल #महामंत्री सुशील कुमार यादव ने कहा कि बिजली बिलों पर अतिरिक्त आर्थिक #बोझ का विरोध आगे भी जारी रहेगा और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसान-मजदूरों की आवाज़ को इसी तरह दबाने का प्रयास किया गया तो संगठन हजारों किसानों और मजदूरों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान सिद्धार्थ एडवोकेट, अजय वर्मा, दिलशाद हुसैन, अभिषेक रावत, अलीम, नसीम, रिजवान, अजय, शिवा, चंद्रिका प्रसाद, इमरान, छुट्टन, कलीम, जियाउद्दीन, मोहित, शिव सभासद, राजन, आलोक एवं मुकेश सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।