रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
पीएचसी के सामने बने रैनबसेरा में शौचालय के टैंक में गड्ढे




रामनगर (बाराबंकी)। सुप्रसिद्ध लोधेश्वर महादेवा धाम में कांवरियों का आगमन शुरू हो चुका है, लेकिन 5 फरवरी से प्रारंभ होने वाले फागुनी मेले से पहले प्रशासनिक तैयारियां अधूरी नजर आ रही हैं। जिलाधिकारी शशांक कुमार त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक अर्पित विजय वर्गीय द्वारा निरीक्षण के बाद भी कई विभाग निर्देशों पर अमल नहीं कर सके हैं।
मंदिर परिसर की कई हाई मास्क लाइटें खराब पड़ी हैं, पानी की टंकी व आरओ मशीन चालू नहीं हो सकी है। निकासी द्वार पर जर्जर भवन खतरा बना हुआ है, जबकि नाली व्यवस्था न होने से पानी फैला है। अभरन सरोवर का पानी दूषित है और आसपास गंदगी पसरी हुई है। हल्की बारिश में मेला बाग में जलभराव हो गया, तीन हैंडपंप खराब पड़े हैं। पीएचसी के सामने रैन बसेरे में बारिश से बचाव की व्यवस्था नहीं है, पेयजल व प्रकाश व्यवस्था अभी तक नही हो सकी हैं। शौचालय बंद पड़ा है, टैंक पर गड्ढों से हादसे की आशंका है। पुलिस चौकी के पास बने रैन बसेरे अब भी उपेक्षित हैं। हालांकि बैरिकेडिंग व सीसीटीवी लगाने का काम अंतिम चरण में है, लेकिन कई मार्गों पर अंधेरा बना हुआ है। मंगलवार रात पहुंचे कांवरियों को अंधेरे में ही बोहनिया तालाब में स्नान कर पूजन करना पड़ा। अब सवाल यह है कि मेले के शुभारंभ से पहले व्यवस्थाएं कब तक सुधरेंगी।































