Jio Platforms Limited ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए आधिकारिक तौर पर रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर दिया है। कंपनी ने इस IPO के लिए प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर के बीच निर्धारित किया है।
इस आगामी सेल के जरिए कंपनी 30,213 करोड़ रुपये तक जुटाने का लक्ष्य रख रही है। यह Reliance Industries Limited की डिजिटल शाखा के लिए एक बहुत बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
कंपनी ने 14 अक्टूबर, 2026 को अहमदाबाद स्थित रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास जरूरी दस्तावेज जमा किए। इस पूरी प्रक्रिया के बाद अब यह भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा पब्लिक ऑफरिंग बनने की राह पर है।
भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा IPO और हिस्सेदारी
यह IPO अक्टूबर 2024 में आए Hyundai Motor India IPO के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा। कंपनी फाइलिंग से मिले आंकड़ों के अनुसार, Hyundai Motor India के IPO से 27,870 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।
Reliance Jio Infocomm इस पूरी वैल्यूएशन के पीछे मुख्य ताकत है। यह कंपनी सब्सक्राइबर्स का एक विशाल नेटवर्क, क्लाउड बिजनेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वेंचर्स को एक साथ लेकर चलती है।
इस इकाई में Reliance Industries की 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है। Google और Meta जैसे बड़े ग्लोबल निवेशकों ने 2020 में 20 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया था। इस इश्यू में कोई ऑफर फॉर सेल हिस्सा नहीं है, इसलिए ये निवेशक अपनी मौजूदा हिस्सेदारी बरकरार रखेंगे।
पूंजी का उपयोग और निवेश के नियम
कंपनी इस फ्रेश इश्यू के जरिए कुल 27 करोड़ शेयर जारी करेगी, जिससे सीधे कंपनी को पूंजी मिलेगी। Reliance Industries इस रकम में से 27,500 करोड़ रुपये अपनी मटेरियल सब्सिडियरी Reliance Jio Infocomm के कर्ज को चुकाने के लिए खर्च करेगी।
बाकी बची हुई राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस ऑफर में शामिल होने वाले निवेशकों के लिए कुछ खास नियम तय किए गए हैं।
- Jio Platforms के पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपये की छूट मिलेगी।
- 14 अक्टूबर, 2026 तक Reliance Industries के शेयर रखने वाले व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए 2,500 करोड़ रुपये का रिजर्वेशन पूल बनाया गया है।
- रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 12 शेयर रखा गया है।
- अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशकों को कम से कम 13,428 रुपये का निवेश करना होगा।
IPO की महत्वपूर्ण तारीखें और समय सीमा
इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक आधिकारिक टाइमलाइन तय की गई है। संभावित प्रतिभागियों के लिए 19 अक्टूबर, 2026 को एंकर इन्वेस्टर बिडिंग का कार्यक्रम रखा गया है।
आम जनता के लिए सब्सक्रिप्शन की खिड़की 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुली रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर के आसपास होगा।
रिफंड और डीमैट क्रेडिट की प्रक्रिया 27 अक्टूबर को पूरी की जाएगी। कंपनी ने 28 अक्टूबर, 2026 को लिस्टिंग की तारीख तय की है।
बाजार पर असर और भविष्य की रणनीति
फाइनेंशियल एनालिस्ट्स का कहना है कि यह लिस्टिंग पब्लिक निवेशकों को भारत के प्रमुख टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर के साथ जुड़ने का मौका देगी। कर्ज के स्तर को कम करके कंपनी अपने बैलेंस शीट को मजबूत करना चाहती है।
इस मजबूती का उपयोग 5G नेटवर्क के विस्तार और नई डिजिटल सेवाओं के विकास के लिए किया जाएगा। पिछले एक दशक में Reliance Jio लोगो वाले इस बिजनेस ने घरेलू डेटा मार्केट को पूरी तरह बदल दिया है।
मार्केट के जानकार और आलोचक यह देख रहे हैं कि बाजार इतने बड़े सौदे को कैसे स्वीकार करता है। ऑफर फॉर सेल का न होना मौजूदा समर्थकों के भरोसे को दर्शाता है, लेकिन Bharti Airtel जैसे प्रतिस्पर्धी अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी की इस नई पूंजीगत ताकत पर नजर रखेंगे।
इस IPO की सफलता देश के अन्य बड़े टेक समूहों के लिए भविष्य की कैपिटल एलोकेशन रणनीतियों को तय कर सकती है। अंतिम सब्सक्रिप्शन लेवल इस बात पर निर्भर करेगा कि निवेशक टेलीकॉम सेक्टर के रेगुलेटरी रिस्क और प्रतिस्पर्धी दबाव के बीच कंपनी की वैल्यू कैसे आंकते हैं।
कंपनी अब लिस्टिंग के अंतिम चरणों की तैयारी के साथ अपने डिजिटल मोनेटाइजेशन प्लान को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। निवेशक अब एंकर बुक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं ताकि इस बड़े मार्केट इवेंट के प्रति निवेशकों की वास्तविक रुचि का पता चल सके।

























