रिपोर्ट/रिशु गुप्ता
समाधान न होने पर जंतर-मंतर कूच की चेतावनी, एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
रामसनेहीघाट, बाराबंकी। दिल्ली में सवर्ण समाज की ओर से चल रहे आंदोलन को लेकर श्रीराम सेवा समिति (अखंड भारत) ने मोर्चा खोल दिया है। समिति के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट बृजेन्द्र उपाध्याय को सौंपकर आंदोलन से जुड़ी मांगों का शीघ्र समाधान कराने की मांग की। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे।ज्ञापन में कहा गया कि दिल्ली में यूजीसी रोलबैक, आरक्षण में संशोधन और एससी-एसटी एक्ट समाप्त करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा है। समिति पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों के साथ दिल्ली पुलिस ने कथित रूप से बर्बरता की, जिसकी निंदा की जानी चाहिए।राष्ट्रीय अध्यक्ष डीएनएस त्यागी ने कहा कि सवर्ण समाज किसी जाति अथवा धर्म के विरोध में नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए आंदोलन कर रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो समिति के विभिन्न प्रदेशों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में भाग लेने को मजबूर होंगे।इस दौरान राष्ट्रीय सचिव निर्मल शुक्ला, राष्ट्रीय सलाहकार फूलचंद आचार्य, दयानंद शुक्ला, राहुल सिंह, सनत कुमार पांडेय, मोनू पांडेय, आशीष कुमार शुक्ला, शुभम शुक्ला, शिवकुमार, श्रीचंद यादव, सुरेश मिश्रा, घनश्याम चौबे, इंद्रमणि शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।






















