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Female middleman of fake stamp gang arrested in Gorakhpur | गोरखपुर में फर्जी स्टांप गिरोह की महिला बिचौलिया अरेस्ट: 7 आरोपी फरार, दिल्ली-राजस्थान तक फैला था नेटवर्क – Gorakhpur News

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गोरखपुर कैंट पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास से फर्जी स्टांप डीलिंग में शामिल महिला बिचौलिया को अरेस्ट किया। आरोपी की पहचान बिहार, सिवान के महादेवा थाना क्षेत्र की रिंकू देवी उर्फ नीलू पत्नी गणेश के रूप में हुई। जांच में पता चला कि वह प्रदेशभर में घूमकर

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पांच साल से चला रही थी फर्जीवाड़ा

रिंकू देवी बिहार से गोरखपुर समेत यूपी के कई जिलों में जाकर फर्जी स्टांप बेचने के लिए ग्राहक तलाशती थी। सौदा तय होने के बाद वह सरगना नवाब आरजू के जरिए माल भिजवाती थी। पुलिस के अनुसार, वह इस धंधे में पिछले पांच साल से सक्रिय थी।

गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट, सरगना पहले से जेल में

20 मार्च को कैंट थाने में रिंकू देवी समेत 11 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज किया गया था। दो दिन बाद ही पुलिस ने राजीव कुमार और रामलखन जायसवाल को अरेस्ट कर जेल भेज दिया। गिरोह का सरगना नवाब आरजू पहले से ही जेल में बंद है। हालांकि, 7 आरोपी अभी फरार हैं।

इनकी तलाश में जुटी पुलिस

फरार आरोपियों में नवाब आरजू का भांजा साहेबजादे, कुशीनगर कसया के ऐश मोहम्मद, कुशीनगर पड़रौना सिरसिया के रविंद्र कुमार दीक्षित, जंगल बकुलहवा के नंदू उर्फ नंदलाल, देवरिया कोतवाली के संतोष गुप्ता, महराजगंज कोठभारी के रविदत्त मिश्रा और कुशीनगर कसया के गोपाल तिवारी शामिल हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।

दिल्ली-राजस्थान तक फैला था नेटवर्क

गिरोह का खुलासा 8 जनवरी 2024 को हुआ था, जब दीवानी कचहरी में फर्जी स्टांप मिलने के बाद जांच शुरू हुई। पुलिस को पता चला कि नवाब आरजू मेरठ, फिरोजाबाद, नोएडा, दिल्ली और राजस्थान तक अपना नेटवर्क चला रहा था। फिरोजाबाद के एक व्यक्ति से उसे फर्जी स्टांप छापने के लिए फंडिंग मिलती थी।

SP सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

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