Skip to main content

Naradsamvad

Candidate Amit Kumar is giving exam from Dubai in Azamgarh | परीक्षार्थी दुबई में, आजमगढ़ में सॉल्वर दे रहा एग्जाम: डेट ऑफ बर्थ पूछने पर नहीं बता पाया, बोला-मैम गलती हो गई, उसे पास कराना जरूरी था – Azamgarh News

Naradsamvad
Naradsamvad - Narad news Agency
7 Min Read

[ad_1]

Ad image

आजमगढ़ में बैठकर एक युवक दुबई में ड्राइवर का काम करने वाले की परीक्षा दे रहा था। सचल दल ने अब डॉक्यूमेंट की जांच की, तो उसमें डेट आफ बर्थ सही नहीं मिली।

.

इसके बाद कम्प्यूटर से मिलाने पर करने पर गड़बड़ी सामने आई है। इसमें एक अभ्यर्थी दुबई के ड्राइवर अमित कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था। जिसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पूछने पर बोला-मैंम गलती हो गई, उसे पास कराना जरूरी थी।

दुबई में ड्राइवर का काम करने वाला अमित कुमार, जो अपनी परीक्षा दिला रहा था।

दुबई में ड्राइवर का काम करने वाला अमित कुमार, जो अपनी परीक्षा दिला रहा था।

जानिए पूरा मामला… शनिवार को गंभीरपुर के राजाराम स्मारक इंटर कॉलेज में 12वीं की परीक्षा चल रही थी। इसमें दूसरी पाली में रसायन विज्ञान का एग्जाम चल रहा था। सचल दल की प्रभारी रूबी खातून जब सेंटर की जांच करने पहुंचीं, तो परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट की जांच की।

ऐसे में एक छात्र से जन्मतिथि पूछा तो अभ्यर्थी ने अपनी जन्मतिथि गलत बताया। परीक्षा केन्द्र के सभी अभ्यर्थियों के डॉक्यूमेंट की जांच करने के साथ उनसे सवाल पूछे। जिसमें इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ।

जांच में यह बात सामने आई कि जिस अभ्यर्थी की परीक्षा बाल अपचारी दे रहे हैं। गंभीरपुर के इब्राहिमपुर का रहने वाला अमित कुमार दुबई में रहकर ड्राइवरी का काम करता है।

6 मार्च को भी पकड़े गए थे सॉल्वर यूपी एसटीएफ के निरीक्षक पुनीत परिहार और अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में ​​​टीम ने 6 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे के बाद गंभीरपुर थाना क्षेत्र ठेकमा मुड़हर स्थित पंडित कामता प्रसाद इंटर कॉलेज पहुंची थी। उनके साथ जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार, सेक्टर मजिस्ट्रेट हरिशंकर दूबे और थानाध्यक्ष बसंतलाल भी थे।

ALSO READ  बाराबंकी के सुमेरगंज में धूमधाम से संपन्न हुआ दुर्गा पूजा उत्सव, माँ कल्याणी नदी में विसर्जित हुई प्रतिमा

यहां दूसरी पाली में भौतिक विज्ञान का पेपर चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने बताया- सूचना मिली थी कि कॉलेज में बड़े पैमाने पर नकल का खेल चल रहा है। टीम ने परीक्षा कक्षों में चेकिंग की।

पता चला कि सॉल्वरों को दूसरे परीक्षार्थियों के स्थान पर बैठकर कापियों को लिखा जा रहा है। कुछ कॉपियां कॉलेज के अंदर तो कुछ बाहर लिखी जा रही थीं। टीम ने कॉलेज की प्रधानाचार्य बबिता तिवारी, सॉल्वर नवनीत राय, राधेश्याम, शीतल तिवारी और निधि को अरेस्ट कर लिया। साथ ही जन सेवा केंद्र संचालक धर्मलेश सरोज को भी पकड़ा है।

आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 5 प्रवेश पत्र, चार कूटरचित आधार कार्ड, 6 इंटरमीडिएट के भौतिक विज्ञान का प्रश्न पत्र, लिखी गई उत्तर पुस्तिकाएं बरामद की। जांच में पता चला कि कॉलेज की प्रधानाचार्य ने इसके एवज में परीक्षार्थियों से धनराशि वसूली थी।

घरों में बैठकर सॉल्वर लिख रहे थे कॉपियां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने बताया कि जब टीम परीक्षा कक्ष में पहुंची तो वहां परीक्षार्थी अनिल कुमार पुत्र संतलाल निवासी निवासी भैसकुर थाना बरदह जनपद आजमगढ़ एक कॉपी लिए बैठा था। एक घंटा बीत जाने के बाद भी उसने कॉपी में कुछ नहीं लिखा था। जांच में पता चला कि वह डुप्लीकेट कॉपी लेकर परीक्षा कक्ष में बैठा था।

ALSO READ  रामदेव का दावा: यूपी की राजनीति में ओवैसी की मौजूदगी से योगी आदित्यनाथ को होगा बड़ा फायदा

उसके साथ ही अन्य परीक्षार्थियों की कॉपी परीक्षा केंद्र से लगभग 100 मीटर दूर राजू सरोज और संजय सरोज के घर पर सॉल्वर से लिखवाई जा रही थी। पूछताछ में पता चला कि विशाल राय उर्फ शोले एवं निलेश तिवारी उर्फ छोटू स्कूल से कापी बाहर ले जाकर सॉल्वर के माध्यम से लिखवाते थे और लिखवाने के बाद कापी स्कूल में जमा कराते थे।

ये तस्वीर UP STF ने जारी की है। आजमगढ़ में छापेमारी में छह आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।

ये तस्वीर UP STF ने जारी की है। आजमगढ़ में छापेमारी में छह आरोपी गिरफ्तार किए गए थे।

जन सेवा संचालक बदलता था फोटो नकल के इस खेल में जन सेवा संचालक धर्मलेश सरोज को भी शामिल था। पुलिस ने बताया कि जन सेवा संचालक धर्मलेश सरोज फर्जी आधार कार्ड बनाता था। वह अपने जन सेवा केंद्र पर संबंधित परीक्षार्थियों के आधार कार्ड में उनकी फोटो के स्थान पर साल्वरों की फोटो लगाकर नया आधार कार्ड बना देता था।

इसके एवज में उसे रकम दी जाती थी। उसके पास साल्वरों के फोटो, डिटेल और फर्जी आधार कार्ड मिले हैं।

हिस्ट्रीशीटर है कॉलेज का प्रबंधक, परीक्षार्थियों से वसूले 50000 एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया- कॉलेज प्रबंधक विजय तिवारी ने पत्नी बबिता तिवारी को कॉलेज का प्रधानाचार्य बनाया था। वहीं कॉलेज में नकल करवाती हैं। परीक्षा केंद्र के अंदर कक्षा में सॉल्वर के माध्यम से कॉपी लिखने के एवज में प्रति परीक्षार्थी 20000 लिया जाता था।

ALSO READ  ISRO 30 अक्टूबर को लॉन्च करेगा NVS 03 नेविगेशन सैटेलाइट, NavIC सिस्टम को मिलेगी नई ताकत

जबकि परीक्षा केंद्र के बाहर कॉपी लिखवाने का प्रधानाचार्य ने प्रति परीक्षार्थी 50000 रुपए वसूले। पुलिस ने बताया कि पंडित कामता प्रसाद इंटर कॉलेज का प्रबंधक विजय तिवारी गंभीरपुर थाने का रजिस्टर्ड हिस्ट्रीशीटर है। विजय तिवारी पर वर्ष 1998 में जौनपुर जिले के लाइन बाजार में लूट और हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था।

इस मुकदमे से संबंधित तीन मुकदमे और दर्ज किए गए थे। बाद में लूट के मामले में जौनपुर की पुलिस ने आरोपी विजय तिवारी को गिरफ्तार किया था। हालांकि 1998 के बाद से आरोपी पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।

इसके साथ ही आजमगढ़ जिले में आरोपी पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। हालांकि छापेमारी के बाद से आरोपी फरार है। फरार आरोपी की तलाश में जिले की पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

आरोपी विजय तिवारी के कई स्कूलों और कॉलेज हैं। उसके खिलाफ पुलिस की कार्रवाई चल रही है। एसटीएफ ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ थाना गंभीरपुर में मुकदमा दर्ज कराया है।

[ad_2]

Source link

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Home
Account
Cart
Search
error: Content is protected !!