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गोवर्धन पूजा के साथ होती है गायों की दौड़, हर साल क्यों निभाई जाती है राजस्थान में अनोखी परंपरा

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Rajasthan News: सिरोही का वासा गांव अनोखी परम्परा के लिए जाना जाता है. गांव में ग्रामीण गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2024) के साथ गायों की दौड़ कराते हैं. गायों की दौड़ देखने बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो जाते हैं. मान्यता है कि गायों को दौड़ाने से अगले साल में सुख समृद्धि की प्राप्ति होगी. अच्छे भविष्य का संकेत मिलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी छा गई. इस बार भी ग्रामीणों ने दिवाली के दूसरे दिन प्राचीन परंपरा का पालन किया.

गोवर्धन पूजा के साथ शनिवार को गायों की दौड़ प्रतियोगिता कराई गयी. प्रतियोगिता में श्याम रंग की गाय ने बाजी मार ली. दिवाली के दूसरे अनूठी परंपरा का पालन किया जाता है. शनिवार को गौवर्धन पूजा, नन्दी पूजा और अन्नकूट पूजन किया गया.

गोवर्धन मेले में गायों की दौड़ हुई. अलग-अलग रंगों की गाय मुकाबले में उतरीं. श्याम रंग की गाय दौड़ में सबसे आगे रही. आखरीया चौक में गाय दौड़ से पहले शोभायात्रा निकाली गयी. धूमधाम से निकली शोभायात्रा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. ग्रामीण नाचते-गाते हुए आखरिया चौक पहुंचे.

सिरोही के इस गांव की आज भी जिवित है परंपरा

शोभायात्रा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही. ग्रामीण बरसों से चली आ रही परंपरा को आज भी धूमधाम से और उत्साहपूर्वक मनाते हैं. मेला कमेटी के लोगों ने बताया कि सुबह गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया. गायों की दौड़ आयोजित कर आगामी साल का भविष्य देखा गया. ग्वालों ने कृष्ण उपदेश सुनाकर गायों को दौड़ाया. दौड़ से पहले पूजा कर गायों को गुड़ खिलाया गया.

गाय दौड़ प्रतियोगिता की शुरुआत आखरीया चौक से की गयी. विचित्र परम्परा को देखने के लिए आसापास गांवों से हजारों की संख्या में लोग वासा गांव पहुंचे. अप्रिय स्थिति से निपटने के लिये रोहिड़ा पुलिस का जाब्ता थानाधिकारी जितेंद्र सिंह देवड़ा के नेतृत्व में मौजूद रहा. 

(तुषार पुरोहित की रिपोर्ट)

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