Skip to main content

Naradsamvad

[post-views]

पीलीभीत में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मामला, दो SDM और कंप्यूटर ऑपरेटर पर FIR दर्ज

पीलीभीत के 127-पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने के आरोप में प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में दो एसडीएम (SDM) और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

Ad image

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वोटर लिस्ट के 13,000 से ज्यादा रिकॉर्ड्स के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इस गड़बड़ी के बाद 22 अक्टूबर, 2026 को सदर कोतवाली पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक FIR दर्ज कराई गई है।

यह FIR असिस्टेंट इलेक्शन ऑफिसर KK Kashyap की शिकायत पर दर्ज की गई है। पीलीभीत के जिला मजिस्ट्रेट Alok Kumar ने इस कानूनी कार्यवाही की पुष्टि की है।

अधिकारियों पर गिरी गाज और सेवा समाप्त

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa के निर्देश पर इस मामले की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पूरनपुर के SDM मयंक गोस्वामी और अमरिया के SDM हेमंत चौधरी इस गड़बड़ी में शामिल थे।

ALSO READ  कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में भारत की धमाकेदार शुरुआत, पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीती पहली मैच

इन दोनों अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है और उन्हें जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, VRC कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं पूरी तरह से समाप्त कर दी गई हैं।

इन तीनों आरोपियों पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

वोटर लिस्ट में हेरफेर का विवरण

यह पूरा विवाद तब सामने आया जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) ने वोटर आईडी कार्ड में विसंगतियों को लेकर शिकायतें की थीं। इसके बाद वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर (VRC) के रिकॉर्ड की आंतरिक जांच की गई।

ALSO READ  बाराबंकी में किसानों का प्रदर्शन, एमएसपी की कानूनी गारंटी और सात मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

जांच में पता चला कि 31 मई से 29 अगस्त, 2026 के बीच 13,779 फॉर्म-8 आवेदन प्रोसेस किए गए थे, जिनके कोई भौतिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। इनमें से 10,470 आवेदनों को मंजूरी दी गई और 3,309 को खारिज कर दिया गया।

राजनीतिक दावों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया से लगभग 16,554 वोट प्रभावित हुए हैं। इसमें निम्नलिखित गड़बड़ियां शामिल हैं:

  • 804 वैध मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटा दिए गए।
  • 2,600 ऐसे लोगों के नाम जोड़ दिए गए जो वहां के निवासी नहीं थे।
  • मौजूदा EPIC आईडी पर व्यवस्थित तरीके से नाम बदल दिए गए।
ALSO READ  लखनऊ कोर्ट ने मॉडल श्रद्धा दुबे और दो अन्य की जमानत याचिका खारिज की, कारोबारी शिवा शर्मा मौत मामला

पूरे प्रदेश में ऑडिट के आदेश और राजनीतिक प्रतिक्रिया

मामले के बढ़ने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी Rinwa ने उत्तर प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी विधानसभा निर्वाचन नामावलियों का गहन ऑडिट करने और दो दिनों के भीतर रिपोर्ट जमा करने को कहा है।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस घटना की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।

वहीं कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस जारी Systemic Integrity of Rolls (SIR) प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

अन्य खबरे

गोल्ड एंड सिल्वर

Our Visitors

Home
Account
Cart
Search
error: Content is protected !!