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एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, जीते रिकॉर्ड 114 पदक

भारत ने 2026 एशियन पैरा गेम्स में अपना अभियान शानदार तरीके से समाप्त किया है। देश ने इस प्रतियोगिता में 30 स्वर्ण पदकों सहित कुल 114 पदकों का ऐतिहासिक संग्रह किया है।

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यह प्रदर्शन अब तक का भारत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन माना जा रहा है। भारत ने हांगझू 2023 संस्करण में जीते गए 108 पदकों के आंकड़े को आसानी से पीछे छोड़ दिया है।

स्पोर्टस्टार और द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पदकों की अंतिम संख्या 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक रही है। यह उपलब्धि आइची-नागोया में आयोजित पांचवें एशियन पैरा गेम्स के मंच पर हासिल की गई है।

एथलेटिक्स में दबदबा और खिलाड़ियों की कुशलता

भारत ने पिछले खेलों की तुलना में कम खिलाड़ियों का दल भेजा था, लेकिन इस बार टीम ने पोडियम फिनिश हासिल करने में अधिक कुशलता दिखाई। आउटलुक इंडिया और द स्टेट्समैन की रिपोर्ट के मुताबिक, एथलेटिक्स सबसे बड़ा योगदान देने वाला क्षेत्र रहा, जहां ट्रैक और फील्ड की विभिन्न स्पर्धाओं में कुल 65 पदक जीते गए।

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प्रतियोगिता के अंतिम चरणों के दौरान कई एथलीटों ने नए गेम्स रिकॉर्ड भी बनाए। यह पूरा आयोजन 23 अक्टूबर 2026 को समाप्त हुआ, जिसका अंत बेहद मजबूत रहा क्योंकि भारतीय टीम ने केवल अंतिम दिन ही नौ स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

विश्व रिकॉर्ड और व्यक्तिगत उपलब्धियां

खेल के दौरान कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और रिकॉर्ड तोड़े। मोना अग्रवाल ने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन SH1 इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर सबका ध्यान खींचा। द ब्रिज की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 357.5 का विश्व रिकॉर्ड स्कोर बनाया।

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इसी तरह, सुमित अंतिल ने भी जेवलिन थ्रो में अपना दबदबा बनाया और भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में इजाफा किया। इन व्यक्तिगत उपलब्धियों ने भारत की पदक तालिका को मजबूती प्रदान की।

पैरा-स्पोर्ट्स इकोसिस्टम में सुधार और भविष्य की तैयारी

पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया और खेल मंत्रालय के अधिकारियों ने विभिन्न विषयों में उच्च गुणवत्ता वाले प्रदर्शन की ओर बदलाव को रेखांकित किया है। उनके अनुसार, ये परिणाम राष्ट्रीय पैरा-स्पोर्ट्स इकोसिस्टम में आई परिपक्वता का संकेत देते हैं।

पदकों की संख्या में यह वृद्धि संस्थागत समर्थन और विशिष्ट एथलीटों के लिए पेशेवर तैयारी में बढ़ोतरी को दर्शाती है। हितधारकों का मानना है कि यह बढ़त भविष्य के पैरालंपिक चक्रों के लिए प्रतिभाओं की लंबी श्रृंखला तैयार करने में मदद करेगी।

  • सरकारी पुरस्कारों के संबंध में अभी विशिष्ट विवरण लंबित हैं।
  • यह सफलता देश के भीतर पैरा-स्पोर्ट्स की प्रोफाइल को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
  • विभिन्न राज्यों में लौटने वाले एथलीटों के लिए अब जश्न मनाया जा रहा है।
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इन उत्सवों के बाद अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए योजना बनाने और समीक्षा सत्र आयोजित करने की तैयारी है। देश अब भविष्य के वैश्विक मंचों के लिए तैयारी करते हुए इस गति को बनाए रखने की उम्मीद कर रहा है।

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