भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने पहले वन डे इंटरनेशनल मैच में 9 विकेट की बड़ी जीत दर्ज की है। 23 अक्टूबर, 2026 को खेले गए इस मुकाबले में प्रतिका रावल ने नाबाद शतक जड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई।
यह मैच वडोदरा के कोताम्बी या BCA स्टेडियम में खेला गया। इस जीत के साथ ही मेजबान भारतीय टीम ने नई सीरीज की एक दमदार शुरुआत की है।
भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
जिम्बाब्वे की टीम पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए कुल 197 रनों के स्कोर पर सिमट गई। मेहमान टीम की ओर से Beloved Biza ने सबसे ज्यादा 62 रन बनाए।
भारतीय गेंदबाजी की कमान श्री चरणी ने संभाली, जिन्होंने 23 रन देकर 4 विकेट झटके। उनके साथ गौड ने भी बेहतरीन गेंदबाजी की और 42 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। इन दोनों गेंदबाजों के प्रदर्शन ने विपक्षी टीम के स्कोर को सीमित रखने में अहम भूमिका निभाई।
प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा की तूफानी बल्लेबाजी
198 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने केवल एक विकेट खोकर 27.1 ओवर में ही मैच जीत लिया। प्रतिका रावल ने 96 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए और खेल को खत्म किया।
वहीं शेफाली वर्मा ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए केवल 33 गेंदों में 64 रनों की तेज पारी खेली। मैच की शुरुआत में ओपनिंग पार्टनरशिप ने 94 रनों की मजबूत नींव रखी थी।
पहले विकेट के गिरने के बाद रावल और वर्मा के बीच 106 रनों की नाबाद साझेदारी हुई। इस बड़ी पार्टनरशिप की मदद से भारत ने मैच को 22.5 ओवर पहले ही समाप्त कर लिया। कमेंटेटरों ने दोनों खिलाड़ियों के खेल में संयम और आक्रामकता के सही संतुलन की तारीफ की।
सीरीज में बढ़त और टीम की तैयारी
यह प्रतिका रावल के वनडे करियर का तीसरा शतक था। खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि अपने पिछले वर्ल्ड कप शतक की सालगिरह पर ही हासिल की।
ODI कप्तान स्मृति मंधाना के नेतृत्व में भारतीय टीम ने इस जीत के साथ सीरीज में 1-0 की शुरुआती बढ़त बना ली है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि 50 ओवर के क्रिकेट में कम अनुभव के बाद यह प्रदर्शन उनकी लय वापस लाने के लिए एक सकारात्मक कदम है।
- भारतीय टीम अब सीरीज के बाकी बचे मैचों की तैयारी कर रही है।
- विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले मैच जिम्बाब्वे की उभरती टीम के खिलाफ भारतीय टॉप ऑर्डर की निरंतरता की परीक्षा लेंगे।































