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अंकिता भंडारी केस: एक्ट्रेस उर्मिला सनावर नारको टेस्ट के लिए तैयार, मीडिया की मौजूदगी की रखी शर्त

अभिनेत्री Urmila Sanawar शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को देहरादून की Special Judicial Magistrate (CBI) कोर्ट में पेश हुईं। यह पेशी संदीप सिंह भंडारी की अदालत में हुई, जहाँ अंकिता भंडारी मर्डर केस की ongoing जांच चल रही है।

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अदालती कार्यवाही के दौरान Urmila Sanawar ने नारको-एनालिसिस टेस्ट कराने के लिए अपनी औपचारिक सहमति दे दी। हालांकि, उन्होंने इस टेस्ट के लिए एक खास शर्त रखी है कि पूरी प्रक्रिया मीडिया की मौजूदगी में होनी चाहिए।

अभिनेत्री का कहना है कि उनकी यह मांग पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है। उनका मानना है कि मीडिया की मौजूदगी से इस केस के उन पहलुओं का खुलासा हो सकता है जो अब तक छिपे हुए हैं।

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Suresh Rathore ने भी जताई सहमति

Urmila Sanawar के साथ पूर्व MLA Suresh Rathore भी अदालत में पेश हुए। Central Bureau of Investigation (CBI) ने उन्हें पॉलीग्राफ और नारको-एनालिसिस टेस्ट के लिए स्वेच्छा से सहमति देने के लिए नोटिस जारी किया था।

Suresh Rathore ने भी इस टेस्ट को करवाने के लिए अपनी इच्छा जताई है। लेकिन उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि टेस्ट से पहले उनकी मेडिकल जांच की जाए। उन्होंने अपनी इस मांग के पीछे 25 साल से डायबिटीज होने की वजह बताई है।

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अगली सुनवाई और कानूनी नियम

कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 के लिए तय की है। इस सुनवाई के दौरान जज साहब Urmila Sanawar द्वारा मीडिया की मौजूदगी की शर्त पर विचार करेंगे। इसके बाद ही नारको-एनालिसिस टेस्ट के लिए अंतिम तारीख तय की जाएगी।

यह पूरी जांच उस वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़ी है जिसमें केस से संबंधित “VIP” कनेक्शन के आरोपों का जिक्र किया गया है। भारतीय कानूनी मानकों के अनुसार इस प्रक्रिया के कुछ नियम हैं:

  • नारको-एनालिसिस एक फॉरेंसिक टूल है जिसमें मनोवैज्ञानिक, मेडिकल प्रोफेशनल और जांचकर्ता शामिल होते हैं।
  • इसके नतीजों को अदालत में प्राथमिक सबूत के तौर पर मान्य नहीं माना जाता है।
  • Supreme Court of India ने यह साफ किया है कि जबरन नारको-एनालिसिस कराना असंवैधानिक है।
  • इसी वजह से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित व्यक्तियों की स्वेच्छा से दी गई सहमति अनिवार्य है।
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