उत्तर प्रदेश के चंदौली में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहाँ पुलिस लाइन की निर्माणाधीन सुविधा की सातवीं मंजिल से गिरकर एक मजदूर की मौत हो गई।
मृतक मजदूर की पहचान 34 वर्षीय अशोक राजभर के रूप में हुई है। वह सकलडीहा के भोजपुर गांव का रहने वाला था।
अशोक राजभर अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। इस हादसे के बाद उसकी पत्नी गुड़िया गहरे सदमे और मानसिक तनाव में है।
सुरक्षा में चूक को लेकर प्रदर्शन और सड़क जाम
मजदूर की मौत के बाद निर्माण स्थल पर भारी हंगामा शुरू हो गया। मृतक के परिवार के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में वहां इकट्ठा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की कमी को लेकर जवाबदेही की मांग की।
गुस्साए लोगों ने पहले स्टेट हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पुलिस लाइन के मुख्य गेट पर पहुंचे और वहां अपना विरोध दर्ज कराया।
इस मौके पर समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव और जिला अध्यक्ष सत्यनारायण राजभर भी प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए।
मुआवजे की मांग और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन
मृतक के परिवार ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। परिवार ने 25 लाख रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रोजेक्ट साइट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के अभाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि काम के दौरान जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे।
इस दुर्घटना ने उत्तर प्रदेश व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति नियम, 2026 के लागू होने पर ध्यान खींचा है। इन नियमों के तहत निर्माण संस्थानों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है।
कानूनी जिम्मेदारी और संबंधित अधिकारियों को सूचना
इन नियमों में नेशनल बिल्डिंग कोड ऑफ इंडिया के अपडेटेड दिशा-निर्देश शामिल हैं। इसके अनुसार, नियोक्ताओं की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वे मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण प्रदान करें और कार्यस्थल को जोखिम मुक्त रखें।
मजदूर कल्याण और साइट सुरक्षा अनुपालन से जुड़ी इस स्थिति के बारे में संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।
- राज्य सरकार को घटना की जानकारी दी गई है।
- चंदौली पुलिस को सूचित किया गया है।
- मुख्यमंत्री कार्यालय को भी इस मामले में अपडेट भेजा गया है।































