उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई। इन 11 सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
इस चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया। कुल 14,81,310 पंजीकृत मतदाताओं के समर्थन के लिए 152 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की थी।
वोट डालने की सुविधा के लिए प्रशासन ने प्रदेश के 72 जिलों में कुल 2,697 मतदान केंद्र बनाए थे। चुनाव के परिणामों की अंतिम गणना 27 अक्टूबर को की जाएगी।
मतदान प्रतिशत और क्षेत्रीय आंकड़े
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Navdeep Rinwa ने जानकारी दी कि शाम 4:00 बजे मतदान समाप्त होने तक कुल मतदान 55.24% रहा। अलग-अलग श्रेणियों में मतदान का प्रतिशत अलग रहा।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 55.76% मतदान हुआ, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में यह आंकड़ा 38.72% रहा। क्षेत्रीय आंकड़ों की बात करें तो गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक 79.09% मतदान दर्ज किया गया।
बरेली में 72% और मुरादाबाद में 75.31% वोट डाले गए। इसके विपरीत, इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की भागीदारी कम रही और यहां केवल 41.40% मतदान हुआ।
राजनीतिक दलों के दावे और आरोप
पूरे दिन राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा। यूपी भाजपा राज्य अध्यक्ष Pankaj Chaudhary ने अपनी पार्टी की बड़ी जीत का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण माहौल में हुआ और BJP सभी 11 सीटों पर जीत हासिल करेगी।
पार्टी नेता Shahnawaz Hussain ने भी भाजपा अध्यक्ष के इस दावे का समर्थन किया। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी (SP) ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने सैफई में अपना वोट डाला। उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी पर भ्रष्ट अधिकारियों और गुंडों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि झांसी सांसद का नाम वोटर लिस्ट से हटाना जैसी अनियमितताएं हुई हैं।
बूथ कैप्चरिंग और हिंसा की शिकायतें
सपा के राष्ट्रीय महासचिव Prof. Ramgopal Yadav और सांसद Ramji Lal Suman ने कई मतदान केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग और पुलिस द्वारा कदाचार के आरोप लगाए।
विभिन्न जिलों में झड़पों की खबरें भी आईं।
- गोरखपुर में भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच clash हुआ।
- वाराणसी में सपा उम्मीदवार Ashutosh Sinha और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हुआ।
- मुजफ्फरनगर में मंत्री Kapil Dev से जुड़े फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर विवाद की खबर आई।
अब सभी की नजरें वोटों की गिनती पर टिकी हैं, जो विधान परिषद की अंतिम संरचना तय करेगी।































