शाहजहांपुर के वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में MD-MS छात्रों से पांच लाख रुपये का सीट लीविंग बॉन्ड लेने के मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठन ने कॉलेज प्रबंधन पर छात्रों से अवैध रूप से मोटी रकम वसूलने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को ABVP के कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर कुलपति कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। हालांकि, वहां उन्हें ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया गया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया।
इसके बाद कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा। वहां उन्होंने न्यायिक उप-जिलाधिकारी प्रियंका चौधरी को ज्ञापन सौंपा, जिन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया है।
नियमों के उल्लंघन और दस्तावेजों को रोकने का आरोप
ABVP के जिला संगठन सचिव संदीप सागर ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन MD-MS 2023-26 बैच समेत अलग-अलग बैच के छात्रों से पांच लाख रुपये के बॉन्ड की मांग कर रहा है।
संदीप सागर के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट, नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और राज्य सरकार के निर्देशों का सीधा उल्लंघन है। परिषद का कहना है कि कॉलेज प्रशासन नियमों को ताक पर रखकर यह वसूली कर रहा है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन बैंक गारंटी के साथ-साथ छात्रों के मूल दस्तावेज (original documents) भी अपने पास रखे हुए है। इस वजह से छात्रों को काफी आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन के रवैये पर नाराजगी और ABVP की मांगें
सिटी सचिव आयुष श्रीवास्तव ने कुलपति कार्यालय द्वारा ज्ञापन लेने से इनकार करने पर गहरा असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की शिकायतों का समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन यहां लापरवाही बरती जा रही है।
ABVP ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रखी हैं, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- सात दिनों के भीतर एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया जाए।
- छात्रों से लिए गए बॉन्ड की राशि ब्याज सहित वापस की जाए।
- सभी छात्रों के मूल दस्तावेज तुरंत लौटाए जाएं।
सात दिन का अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी
ABVP ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। इस प्रदर्शन के तहत पुतले जलाने और यूनिवर्सिटी प्रशासन कार्यालय को लॉक करने जैसे कदम उठाए जाएंगे।
परिषद ने साफ कहा है कि अगर आगे कोई अशांति होती है, तो इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला SFD समन्वयक वैभव सक्सेना और सिटी सह-सचिव करण सिंह मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य आशुतोष मिश्रा और मयंक कुमार समेत कई अन्य कार्यकर्ता भी शामिल थे, जिन्होंने छात्रों के हक के लिए आवाज उठाई।































