डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी ने आने वाले डीपोत्सव के लिए अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस आयोजन को सनातन संस्कृति और जन आस्था के एक भव्य उत्सव के रूप में देखा जा रहा है।
यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने राम की पैड़ी पर जाकर सरयू नदी और भगवान राम की औपचारिक पूजा की। उन्होंने इस आयोजन को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए प्रार्थना की।
डॉ. सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी का मुख्य उद्देश्य अयोध्या की आध्यात्मिक गरिमा और ऊर्जा को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित करना है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों द्वारा जलाया गया हर दीपक आस्था और राष्ट्रीय भक्ति का प्रतीक है।
30 लाख दीयों का लक्ष्य और स्वयंसेवकों की ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यूनिवर्सिटी ने इस बार 30 लाख से अधिक दीये जलाने का लक्ष्य रखा है। इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा गया है।
इस कार्य के लिए अवध यूनिवर्सिटी कैंपस, उससे जुड़े कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों से 35,000 से ज्यादा स्वयंसेवक बुलाए गए हैं। इन सभी स्वयंसेवकों को खास तौर पर तैयार किया गया है।
इन स्वयंसेवकों को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत ट्रेनिंग दी गई है:
- ग्रिड लेआउट को सही ढंग से समझना और बनाना।
- समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) का सही तरीका।
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के मानकों का पूरी तरह पालन करना।
विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी और अधिकारियों की मौजूदगी
यूनिवर्सिटी का लक्ष्य इस उत्सव के दौरान अपने ही पिछले विश्व रिकॉर्ड को पार करना है। इसके लिए पूरी योजना के साथ काम किया जा रहा है ताकि नया रिकॉर्ड बनाया जा सके।
इस पूरे कार्यक्रम और तैयारियों की प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण लोग शामिल रहे। इसमें कुलसचिव विनय कुमार सिंह और नोडल ऑफिसर प्रोफेसर संत शरण मिश्रा मौजूद थे।
इन अधिकारियों के साथ यूनिवर्सिटी के कई सीनियर फैकल्टी सदस्य और अधिकारी भी मौजूद रहे। साथ ही बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भी इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया।































