Apple ने आधिकारिक तौर पर भारत में अपना नया iPhone Duo फोल्डेबल फोन लॉन्च कर दिया है। इस नए डिवाइस की बिक्री 23 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गई है।
कंपनी के लिए यह लॉन्च एक बड़ी चुनौती बना हुआ है क्योंकि बाजार में स्टॉक की भारी कमी है। इस कमी की वजह से ग्रे मार्केट में फोन की मांग और कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
डिवाइस के लिए प्री-ऑर्डर की प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 को ही शुरू कर दी गई थी। ग्राहकों की भारी भीड़ को देखते हुए देश भर के स्टोर्स को समय से पहले ही खोल दिया गया।
कीमत और स्टॉक की उपलब्धता
Business Today की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राहकों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रति ग्राहक अधिकतम दो यूनिट खरीदने की सख्त सीमा तय की गई है। रिटेलर्स इस समय स्टॉक की भारी कमी का सामना कर रहे हैं क्योंकि उपलब्ध यूनिट्स की संख्या मांग के मुकाबले बहुत कम है।
Business Today, Mint, 91mobiles और Economic Times के मुताबिक, इस फोन के 256GB वाले बेस मॉडल की कीमत 2,99,900 रुपये से शुरू होती है। वहीं, 2TB स्टोरेज वाले हाई-एंड मॉडल की कीमत 4,49,900 रुपये तक जाती है।
Mint और 91mobiles द्वारा दिए गए अनुमानों के अनुसार, बिक्री के पहले हफ्ते में केवल 6,000 यूनिट ही उपलब्ध थीं। कई रिटेलर्स को उम्मीद से कम स्टॉक मिला, जिसके कारण Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म पर लॉन्च के कुछ ही मिनटों में फोन खत्म हो गए।
ग्रे मार्केट और डिलीवरी में देरी
स्टॉक की कमी का असर यह है कि अब खरीदारों को डिलीवरी के लिए 2027 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। इस स्थिति ने नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) जैसे इलाकों में एक सेकेंडरी मार्केट को जन्म दिया है।
ग्रे मार्केट के विक्रेता अब इस फोन को आधिकारिक रिटेल कीमत से 70,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक ज्यादा प्रीमियम पर बेच रहे हैं।
सप्लाई चेन और भविष्य की चुनौतियां
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि Apple इकोसिस्टम में जब भी कोई नया उत्पाद आता है, तो शुरुआत में सप्लाई में ऐसी दिक्कतें आम होती हैं। उनका मानना है कि जब प्रोडक्शन लाइन स्थिर हो जाएगी और शुरुआती मांग कम होगी, तब उपलब्धता सामान्य हो जाएगी।
भारतीय बाजार में पूरी तरह से नए डिजाइन का फोन लाने के कारण Apple को काफी लॉजिस्टिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जहां कुछ शुरुआती खरीदार फोन पाने में सफल रहे, वहीं कई उपभोक्ता अब अगले स्टॉक रिप्लेनिशमेंट साइकिल का इंतजार कर रहे हैं।
All India Mobile Retailers Association से जुड़े रिटेलर्स सीमित स्टॉक के कारण ग्राहकों की उम्मीदों को मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल कुछ सवाल अब भी अनुत्तरित हैं:
- भविष्य की शिपमेंट के लिए यूनिट्स की सटीक संख्या क्या होगी?
- नियमित स्टॉक कब तक उपलब्ध हो पाएगा?
संभावित खरीदार अब इस फोन की लॉन्ग-टर्म ड्यूरेबिलिटी यानी लंबे समय तक चलने की क्षमता को लेकर भी उत्सुक हैं और वास्तविक उपयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रोलआउट के अगले चरण में सप्लाई चेन के प्रदर्शन को सुधारने और यूजर्स से फीडबैक लेने पर ध्यान दिया जाएगा।































