बाराबंकी के कलेक्ट्रेट में भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आयोजित किया गया था।
संगठन के जिला अध्यक्ष निहाल अहमद सिद्दीकी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण पर जताया विरोध
किसान नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने मांग की है कि इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई जाए।
संगठन ने यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से न हटें। किसानों का कहना है कि इस प्रक्रिया में सुधार होना बहुत जरूरी है।
किसानों और मजदूरों की प्रमुख सात मांगें
ज्ञापन के माध्यम से सात मुख्य बिंदुओं पर अपनी मांगें रखी गई हैं। इसमें कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग शामिल है।
किसानों ने निम्नलिखित मांगों को प्रमुखता से उठाया है:
- कृषि उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी मिले।
- किसानों के कर्ज को माफ किया जाए।
- पेंशन व्यवस्था लागू की जाए।
- बिजली के निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
- Seed Bill 2025 को वापस लिया जाए।
- चार श्रम संहिताओं (labor codes) को निरस्त किया जाए।
- MGNREGA योजना को फिर से बहाल किया जाए।
अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन से अपील
किसान नेताओं ने प्रशासन से आग्रह किया है कि वे किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा करें। उन्होंने मांग की है कि सौंपे गए ज्ञापन में शामिल सभी सात बिंदुओं पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार की विभिन्न नीतियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के अधिकारों के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।































